तृणमूल कांग्रेस में मचा घमासान, शांतनु सेन ने राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से दिया इस्तीफा

Share

कोलकाता, 28 मई। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। इसी क्रम में राज्यसभा के पूर्व सांसद और वरिष्ठ तृणमूल नेता शांतनु सेन ने गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेप और मर्डर केस समेत कई विवादों को लेकर पार्टी नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा है।

ममता बनर्जी को भेजा इस्तीफा

पेशे से डॉक्टर और कोलकाता नगर निगम के पार्षद शांतनु सेन ने अपना इस्तीफा पत्र ममता बनर्जी को भेजा है। हालांकि उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता नहीं छोड़ी है।

अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि पार्टी के “वफादार सिपाही” होने के बावजूद अब उनका ज़मीर उन्हें उन मुद्दों का सार्वजनिक बचाव करने की अनुमति नहीं देता, जिनकी वजह से जनता पार्टी से दूर हो गई।

आरजी कर मामले और भ्रष्टाचार पर जताई नाराजगी

शांतनु सेन ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने टीवी डिबेट और मीडिया मंचों पर पार्टी का पक्ष रखा, लेकिन अब जनता ने आरजी कर घटना, नौकरी घोटाले और अन्य भ्रष्टाचार तथा अनैतिक गतिविधियों के कारण पार्टी को नकार दिया है।

उन्होंने लिखा, “जनता के फैसले को स्वीकार करते हुए मैंने राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।”

आरजी कर मामला बना बड़ा विवाद

आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़ा रेप और मर्डर केस हाल के वर्षों में तृणमूल के लिए सबसे विवादित मुद्दों में से एक रहा है।

पिछले वर्ष ड्यूटी पर तैनात एक महिला डॉक्टर के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद पूरे बंगाल में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। डॉक्टरों, छात्रों और नागरिक समाज के विभिन्न वर्गों ने इस मामले को लेकर भारी आक्रोश जताया था।

पहले भी उठाए थे सवाल

शांतनु सेन उन चुनिंदा तृणमूल नेताओं में शामिल रहे जिन्होंने इस मामले में सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। उनके बयानों के कारण पार्टी नेतृत्व असहज हो गया था और उन्हें कुछ समय के लिए “पार्टी विरोधी गतिविधियों” के आरोप में निलंबित भी किया गया था। बाद में उन्हें फिर से प्रवक्ता पद पर बहाल कर दिया गया था।

भाजपा सरकार को दी थी बधाई

हाल ही में बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद शांतनु सेन ने सोशल मीडिया पर नई भाजपा सरकार और शुभेंदु अधिकारी को बधाई दी थी। उन्होंने आरजी कर मामले की किसी भी जांच में सहयोग देने की सार्वजनिक पेशकश भी की थी।

तृणमूल में बढ़ रहा असंतोष

पार्टी में इस्तीफों और असहमति का सिलसिला लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। पार्टी प्रवक्ता और पार्षद अरूप चक्रवर्ती ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है, जबकि कोलकाता नगर निगम के अंतर्गत बरो-12 के चेयरमैन पद से भी हट गए हैं।

वहीं, काकोली घोष दस्तीदार ने भी हाल ही में अपने संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दिया था।

चुनावी हार पर नेताओं की खुली टिप्पणी

तृणमूल के कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और प्रशासनिक अहंकार जैसे आरोपों ने पार्टी की चुनावी हार में बड़ी भूमिका निभाई।

हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक शांतनु सेन के इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31