सुल्तानगंज से गंगा जल उठाकर किसानों को सिंचाई सुविधा देगी बिहार सरकार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिया निर्देश

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पटना, 22 मई । सम्राट चौधरी ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों को बेहतर जल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जल संसाधन विभाग को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के जल को सुल्तानगंज के पास बाढ़ अवधि के दौरान उद्वह (लिफ्ट-संवहन) कर बदुआ एवं खड़गपुर जलाशयों में संग्रहित किया जाए, ताकि वर्षभर किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके।

जुलाई से अक्टूबर के बीच होगा जल संग्रहण

मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई से अक्टूबर के बीच गंगा नदी में पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध रहता है। ऐसे में जलाशयों की क्षमता के अनुरूप जल भंडारण कर कृषि कार्यों के लिए उसका उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस योजना से विशेष रूप से बांका, भागलपुर और मुंगेर जिलों के किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।

बदुआ जलाशय से 45,850 हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगा लाभ

राज्य सरकार की योजना के तहत गंगा नदी के जल को उद्वह कर बदुआ जलाशय के माध्यम से फुल्लीडूमर प्रखंड स्थित फुल्लीडूमर, मध्यागिरि और बिलासी जलाशयों में जल संग्रहित किया जाएगा।

परियोजना के क्रियान्वयन के बाद बदुआ जलाशय से बांका, भागलपुर और मुंगेर जिलों के कुल 45,850 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

वहीं, खड़गपुर जलाशय के माध्यम से मुंगेर जिले के 5,310 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिलेगा।

फुल्लीडूमर और अमरपुर प्रखंड को मिलेगा फायदा

फुल्लीडूमर प्रखंड के मध्यागिरि और बिलासी जलाशयों के जरिए बांका जिले के फुल्लीडूमर एवं अमरपुर प्रखंड के 4,204 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र में शत-प्रतिशत सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है।

जलवायु परिवर्तन से घटी जलाशयों की क्षमता

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और अनियमित वर्षापात के कारण बदुआ जलाशय की जल भंडारण क्षमता में 39.78 प्रतिशत तथा खड़गपुर जलाशय में 69.59 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

इसके चलते निर्धारित 51,160 हेक्टेयर सिंचाई लक्ष्य के मुकाबले केवल 19,136 हेक्टेयर क्षेत्र में ही सिंचाई संभव हो पा रही है।

174 करोड़ रुपये से बनेगी पाइपलाइन व्यवस्था

इस समस्या के समाधान के लिए गंगा जल उद्वह योजना का विस्तार किया जा रहा है। योजना के तहत बिजीखोरवा सिंचाई कॉलोनी में निर्माणाधीन डिटेंशन टैंक से तीन मोटर पंपों की सहायता से 15.02 मिलियन क्यूबिक मीटर जल उठाया जाएगा।

इसके लिए 0.90 मीटर व्यास की 26 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और 0.50 मीटर व्यास की 1.15 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके माध्यम से फुल्लीडूमर, मध्यागिरि और बिलासी जलाशयों में जल भंडारण किया जाएगा।

इस परियोजना की अनुमानित लागत 174.52 करोड़ रुपये बताई गई है।

1866 करोड़ रुपये की व्यापक योजना पर काम

इसके अतिरिक्त, सुल्तानगंज के पास गंगा नदी के जल को बाढ़ अवधि में उद्वह कर बदुआ और खड़गपुर जलाशयों में भंडारित करने की व्यापक योजना 1866.11 करोड़ रुपये की लागत से कार्यान्वित की जा रही है।

समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश

सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि किसानों को जल्द से जल्द सिंचाई सुविधा का लाभ मिल सके और राज्य में कृषि उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।

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