रांची, 15 मई। सदर अस्पताल स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में शुक्रवार को एनीमिया मुक्त भारत (एएमबी) कार्यक्रम और आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (एईबीएएस) पोर्टल के संचालन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन Dr. Prabhat Kumar ने की।
स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति, पोर्टल अपडेट की स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। Dr. Prabhat Kumar ने एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत चल रही गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को इसे अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि एनीमिया नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर सामाजिक विषय है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
एईबीएएस पोर्टल नियमित अपडेट करने के निर्देश
सिविल सर्जन ने निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति और संबंधित जानकारी एईबीएएस पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट की जाए। उन्होंने कहा कि समयबद्ध और सही डेटा अपलोड होने से वेतन भुगतान, प्रशासनिक कार्यों और विभागीय निगरानी में पारदर्शिता बनी रहती है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
बैठक में गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और बच्चों में एनीमिया की समस्या को कम करने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण जागरूकता अभियान और आयरन सप्लीमेंट वितरण कार्यक्रम को गंभीरता से लागू करने पर जोर दिया गया।
Dr. Prabhat Kumar ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने एनीमिया से संबंधित आंकड़ों की नियमित मॉनिटरिंग और हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) पोर्टल पर समय पर डेटा अपलोड करने के निर्देश भी दिए।
आरआई माइक्रोप्लान जल्द जमा करने के निर्देश
बैठक में आरआई माइक्रोप्लान जल्द जमा करने के निर्देश दिए गए, ताकि एएमबी डैशबोर्ड पर सूचनाएं समय पर अपडेट हो सकें और राज्य स्तर की निगरानी प्रक्रिया प्रभावित न हो।
कई अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी रहे मौजूद
बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह, क्षेत्रीय समन्वयक श्वेता वर्मा, यूनिसेफ की प्रतिनिधि अन्नपूर्णा, एविडेंस एक्शन के नीरज सहित जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान विभिन्न प्रखंडों से आए अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और कार्यान्वयन में आ रही चुनौतियों पर चर्चा की।
एनीमिया नियंत्रण पर सरकार का फोकस
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिक स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल है। इसके तहत महिलाओं, किशोरियों और बच्चों में खून की कमी की समस्या को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू कर एनीमिया जैसी गंभीर समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।






