– अगले छह माह तक विदेश यात्राओं से परहेज करें मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी
– हाइब्रिड बैठकों, डिजिटल कार्यसंस्कृति और ‘वर्क फ्रॉम होम’ पर जोर
– विस्तारित मंत्रिमंडल के साथ मुख्यमंत्री ने की पहली बैठक
लखनऊ, 13 मई । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्यों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आह्वान किया है।
उन्होंने शासन में मितव्ययिता, ऊर्जा संरक्षण और जनप्रेरक आचरण की नई कार्यसंस्कृति विकसित करने पर जोर देते हुए मंत्रियों से अपनी वाहन फ्लीट को 50 प्रतिशत तक कम करने की अपील की।
छह माह तक विदेश यात्रा से बचने के निर्देश
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बुधवार को आयोजित पहली बैठक में मुख्यमंत्री ने अगले छह माह तक प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर विदेश यात्राओं से परहेज करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व भी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल को स्वयं आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए।
सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को बढ़ावा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मंत्रीगण सप्ताह में एक दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग या साइकिल जैसी सुविधाओं का उपयोग करें, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए और आमजन भी प्रेरित हों।
उन्होंने अंतरजनपदीय बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विधानसभा-विधान परिषद की स्टैंडिंग कमेटियों की बैठकों को यथासंभव हाइब्रिड मोड में आयोजित करने के निर्देश दिए।
एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री रखने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सचिवालय और निदेशालय स्तर पर एयर कंडीशनर और लिफ्ट के आवश्यकता-आधारित उपयोग पर बल दिया।
उन्होंने एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने और प्राकृतिक प्रकाश के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही।
इसके साथ ही 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था अपनाने पर भी जोर दिया।
सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को शासन की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग और जनजागरूकता अभियान को रिहायशी कॉलोनियों, विद्यालयों और महाविद्यालयों तक विस्तारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीति तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया और स्वच्छ एवं ऊर्जा-कुशल परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने की बात कही।
‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर
मुख्यमंत्री ने सामाजिक आयोजनों में मितव्ययिता अपनाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि शादी-विवाह और अन्य समारोहों के लिए घरेलू स्थलों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि अनावश्यक खर्च पर रोक लगे और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिले।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मंत्रीगण उपहार स्वरूप उन्हीं वस्तुओं का उपयोग करें, जिनका निर्माण उत्तर प्रदेश में होता है। उन्होंने एक जिला-एक उत्पाद योजना के अंतर्गत तैयार स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण पर बल
मुख्यमंत्री ने एलपीजी सिलेंडर की जगह पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने और इसके लिए आवश्यक नीतिगत बदलाव करने के निर्देश दिए।
उन्होंने तिलहन उत्पादन, प्राकृतिक खेती और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। साथ ही खाद्य तेल की खपत कम करने, सोने के अनावश्यक आयात को हतोत्साहित करने और वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की।
नए मंत्रियों को दी जिम्मेदारी निभाने की सीख
बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल में शामिल नए मंत्रियों का परिचय कराया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सबसे अधिक होती है और जनता प्रतिदिन उनके कार्यों का मूल्यांकन करती है।
नवनियुक्त मंत्रियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए समय कम है, इसलिए सभी मंत्रियों को कम समय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना होगा।
उन्होंने नए मंत्रियों को वरिष्ठ मंत्रियों से संवाद बनाए रखने और प्रभावी कार्यशैली विकसित करने की सलाह दी। साथ ही कैबिनेट मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे विभागीय नीतिगत मामलों में अपने सहयोगी राज्य मंत्रियों का अभिमत अवश्य लें।





