रांची, 6 मई। रांची में हुए उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 168 आरोपितों को अदालत से बड़ी राहत मिली है। अपर न्यायायुक्त योगेश की अदालत ने सभी आरोपितों को 20-20 हजार रुपये के दो-दो निजी मुचलकों पर जमानत दे दी।
बुधवार को पूरी हुई थी सुनवाई
मामले में बुधवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को अदालत ने सभी आरोपितों की जमानत मंजूर कर ली।
11 अप्रैल को हुई थी गिरफ्तारी
बताया गया कि 11 अप्रैल को उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के आरोप में 168 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें अधिकांश परीक्षार्थी शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद सभी को जेल भेज दिया गया था।
तमाड़ में हुई थी छापेमारी
पुलिस को सूचना मिली थी कि Tamar थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने देर रात छापेमारी की। पुलिस को देखते ही कई लोग भागने लगे, लेकिन कार्रवाई के दौरान 168 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरोह के सरगना भी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपितों में कथित अंतरराज्यीय पेपर लीक गिरोह के सरगना अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद भी शामिल हैं। इसके अलावा सात महिला आरोपितों को भी गिरफ्तार किया गया था।
10 लाख रुपये में नौकरी दिलाने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के एजेंट अभ्यर्थियों को रड़गांव में ठहराकर प्रश्नों के उत्तर रटवा रहे थे। अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड भी अपने कब्जे में रखे गए थे। आरोप है कि नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से 10-10 लाख रुपये में सौदा किया गया था।
तमाड़ थाना में दर्ज है मामला
इस संबंध में Tamar थाना में कांड संख्या 21/2026 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में 152 पुरुष अभ्यर्थियों, सात महिला अभ्यर्थियों और पांच गैंग सरगनाओं समेत अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया है।






