गांधीनगर, 28 अप्रैल। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए 15 नगर निगमों में बहुमत की ओर बढ़त बना ली है। चुनाव नतीजों को 2027 विधानसभा चुनाव का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा था, जिसमें भाजपा ने मजबूत स्थिति हासिल कर ली है।
कई निगमों में स्पष्ट बहुमत
प्रमुख शहरों में भाजपा का दबदबा साफ नजर आया। गांधीनगर नगर निगम की 52 सीटों में से 28 जीतकर पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया। वडोदरा और जामनगर में भी भाजपा बहुमत के करीब पहुंच गई है।
वहीं सूरत और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में भी भाजपा की बढ़त कायम रही, जिससे पार्टी की पकड़ और मजबूत हुई है।
नए निगमों में भी लहराया परचम
राज्य के नए गठित नगर निगमों—नडियाद, मेहसाणा, वापी, पोरबंदर, सुरेंद्रनगर, नवसारी और मोरबी—में भी भाजपा ने जीत दर्ज कर अपनी संगठनात्मक मजबूती का प्रदर्शन किया है।
विपक्ष को करारा झटका
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को कई प्रमुख शहरों में सीमित सीटों से संतोष करना पड़ा। वहीं आम आदमी पार्टी (आप) का प्रदर्शन भी कमजोर रहा और सूरत में उसका खाता तक नहीं खुल सका।
हालांकि, एआईएमआईएम को भुज नगरपालिका में 3 सीटें मिलीं, जो स्थानीय स्तर पर अलग समीकरण की ओर इशारा करती हैं।
‘विकसित गुजरात’ मॉडल पर जनता की मुहर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये नतीजे मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सरकार के ‘विकसित गुजरात’ मॉडल पर जनता की मुहर हैं। साथ ही नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी को व्यापक जनसमर्थन मिलता दिख रहा है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह, 2027 पर नजर
मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच आए इन परिणामों ने साफ कर दिया है कि राज्य में फिलहाल भाजपा की स्थिति मजबूत है। इस जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है और राज्यभर में जश्न का माहौल है। अब सभी की नजरें आगामी विधानसभा चुनाव 2027 पर टिकी हैं।






