स्वस्थ नागरिकों से ही बनेगा सशक्त और आत्मनिर्भर भारत: राष्ट्रपति

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राष्ट्रपति ने वृंदावन में रामकृष्ण मिशन अस्पताल के ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का किया उद्घाटन

मथुरा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि एक सशक्त और ‘आत्मनिर्भर’ भारत तभी संभव है, जब उसके नागरिक स्वस्थ हों। आज कैंसर सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। इस बीमारी का समय पर पता चलना और उच्च स्तरीय उपचार मरीज की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु शुक्रवार को वृंदावन स्थित रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल में नवनिर्मित ‘नंद किशोर सोमानी ऑन्कोलॉजी ब्लॉक’ (कैंसर चिकित्सा केंद्र) के उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित कर रही थीं। इससे पहले सेवाश्रम अस्पताल में पहुंचने पर राष्ट्रपति मुर्मु का उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम के सचिव सुप्रकाश आनंद एवं सह सचिव कालीकृष्णानंद ने उन्हें बुके देकर स्वागत किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि एक सशक्त और ‘आत्मनिर्भर’ भारत तभी संभव है, जब उसके नागरिक स्वस्थ हों। आज कैंसर सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। इस बीमारी का समय पर पता चलना और उच्च स्तरीय उपचार मरीज की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ परिवारों के लिए आर्थिक परिस्थितियों के कारण इस बीमारी का इलाज मुश्किल या लगभग असंभव सा लगता है। ऐसे समय में जनसेवा की भावना से काम करने वाले संगठन समाज कल्याण में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि जागरूकता अभियानों और समय पर जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराकर कैंसर की रोकथाम और उसके प्रभावी इलाज पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। आज, भारत अपने स्वास्थ्य सेवा ढांचे को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार यह प्रयास कर रहा है कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल हर नागरिक तक पहुंचे। मुर्मू ने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी ऐतिहासिक योजनाओं के माध्यम से लाखों नागरिकों को किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कैंसर का इलाज भी आयुष्मान भारत योजना के दायरे में आता है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में नये एम्स और मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ हो रही हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत, स्वास्थ्य सेवाओं को प्रौद्योगिकी के साथ एकीकृत किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता में वृद्धि हो रही है। टेलीमेडिसिन और ई-स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से, लोग अब अपने घर बैठे ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श कर सकते हैं। मुर्मू ने कहा कि सेवा भावना से प्रेरित चिकित्सा संस्थान समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे न केवल बीमारियों का इलाज करते हैं, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों के जीवन में आशा, आत्मविश्वास और सम्मान भी जगाते हैं। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण मिशन ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक विज्ञान और मानवीय करुणा का मेल मानवता के कल्याण के लिए असाधारण कार्य कर सकता है। मैं इस महत्वपूर्ण योगदान के लिए इस संस्थान को अपनी बधाई देती हूं। आज, हम न केवल एक इमारत का उद्घाटन कर रहे हैं, बल्कि हम उन सभी मरीजों के लिए आशा का एक नया द्वार खोल रहे हैं, जो यहां उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा देखभाल की तलाश में आते हैं।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस समय तीन दिवसीय यात्रा पर उत्तर प्रदेश में है। यात्रा के दूसरे दिन उन्होंने मथुरा-वृंदावन में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

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