राज्यसभा एंट्री से पहले टाइमलाइन तय! 30 मार्च तक पहला कदम, 9 अप्रैल के आसपास बड़ा फैसला संभव
पटना: बिहार की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज है। 30 मार्च और 9 अप्रैल की दो अहम तारीखों के बीच उनके इस्तीफे की टाइमिंग को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
क्या कहता है नियम?
नियमों के मुताबिक, राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद किसी भी नेता को 14 दिनों के भीतर एक सदन की सदस्यता छोड़नी होती है।
ऐसे में नीतीश कुमार को 30 मार्च तक बिहार विधान परिषद से इस्तीफा देना अनिवार्य है, नहीं तो उनकी राज्यसभा सदस्यता रद्द हो सकती है।
30 मार्च से पहले क्या होगा? सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार:
- नीतीश कुमार 30 मार्च से पहले विधान परिषद की सदस्यता छोड़ सकते हैं
- इससे राज्यसभा में उनकी एंट्री सुनिश्चित हो जाएगी
- इस दौरान वे मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं
दो चरणों में इस्तीफे की अटकल
बिहार की राजनीति में “दो-स्टेप प्लान” की चर्चा जोरों पर है:
पहला चरण:
- विधान परिषद से इस्तीफा
- राज्यसभा सदस्यता सुरक्षित
दूसरा चरण:
- 9 अप्रैल के आसपास मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा
- नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी
9 अप्रैल क्यों है खास?
जेडीयू के वरिष्ठ नेता Harivansh Narayan Singh का कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो रहा है।
माना जा रहा है कि उसी सीट पर नीतीश कुमार राज्यसभा जाएंगे, जिसका कार्यकाल 10 अप्रैल से शुरू होगा।
आगे क्या? संभावना है कि:
- 9 अप्रैल से पहले बिहार में नए मुख्यमंत्री का ऐलान हो
- नीतीश कुमार केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएं
फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन इतना तय है कि 30 मार्च और 9 अप्रैल के बीच बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब सबकी निगाहें Nitish Kumar के अगले कदम पर टिकी हैं।





