13 सूत्री मांगों को लेकर पटना में छात्रों का हल्लाबोल, जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ी; CM आवास की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी, पुलिस ने कई को हिरासत में लिया

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पटना, 25 अगस्त । प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और लंबित नियुक्तियों समेत 13 सूत्री मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग में चल रहा ‘शिक्षा सत्याग्रह 2.0’ मंगलवार को उग्र हो गया। मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले छात्रों को पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास रोक दिया। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

छात्र पिछले कई दिनों से गर्दनीबाग में आंदोलन कर रहे हैं। छात्र नेता आमरण अनशन पर भी बैठे हैं। पहले छात्रों ने विधानसभा घेराव की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का निर्णय लिया गया।

जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ी, डाक बंगला की ओर बढ़े

मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च के लिए निकले। पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर छात्रों को रोकने की कोशिश की।

प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाक बंगला चौराहे की ओर आगे बढ़ने लगे। डाक बंगला पहुंचने के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने लगातार आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।

छात्र नेता ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप

गर्दनीबाग में कई दिनों से आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता अमन यादव ने आरोप लगाया कि मार्च के दौरान गांधी मैदान थाने के प्रभारी ने उनके सीने पर मारकर उनके साथ मारपीट की। हालांकि, इस संबंध में पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान कई छात्रों को हिरासत में लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई।

15 से अधिक छात्र संगठनों का समर्थन

आंदोलन को 15 से अधिक छात्र संगठनों का समर्थन प्राप्त है। शिक्षकों के अलावा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया है।

आइसा की प्रदेश उपाध्यक्ष सबा आफरीन ने कहा कि विभिन्न परीक्षाओं में नियमन और पारदर्शिता के साथ चौथे चरण की शिक्षक बहाली में एकल परीक्षा की मांग को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद छात्र लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले हैं।

नर्सिंग और अन्य पाठ्यक्रमों के छात्र भी प्रदर्शन में शामिल

पटना में अलग-अलग मांगों को लेकर चल रहे कई प्रदर्शन भी एक साथ जुड़ गए। विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों के फार्मेसी और लैब टेक्नीशियन समेत अन्य पाठ्यक्रमों के छात्र भी सत्र में देरी के विरोध में प्रदर्शन में शामिल हुए।

ये छात्र जेपी गोलंबर से डाक बंगला की ओर बढ़े। इसके चलते प्रदर्शनकारियों की संख्या और बढ़ गई तथा शहर के प्रमुख मार्गों पर दबाव बढ़ गया।

सैटेलाइट सिटी के विरोध में ग्रामीणों का भी मार्च

इसी दौरान पाटलिपुत्र सैटेलाइट सिटी के प्रस्ताव के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने निकले। किसानों का कहना है कि जिस जमीन पर सैटेलाइट सिटी प्रस्तावित है, वहां वे साल में तीन फसलें उगाते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जमीन उनकी आजीविका का मुख्य आधार है। इसी जमीन से वे परिवार की जरूरतें, बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी का खर्च उठाते हैं। इसलिए वे अपनी जमीन सरकार को देने के पक्ष में नहीं हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा- छात्रों की मांगों का समाधान हुआ

छात्रों के आंदोलन पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर छात्र धरने पर बैठे थे, सरकार ने उनका समाधान कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की समस्याओं का समय पर समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

शिक्षा मंत्री ने आंदोलन के राजनीतिक समर्थन को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा और कहा कि सरकार ने छात्रों से जुड़े विषयों पर आवश्यक कदम उठाए हैं।

13 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन

छात्र नेता अमन कुमार के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में कुल 13 सूत्री मांगें रखी गई हैं। इनमें प्रमुख मांगें हैं—

  • BPSC 70वीं परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की मांग।
  • 1,799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग।
  • TRE-4 शिक्षक भर्ती को एक स्तरीय परीक्षा के रूप में कराने की मांग।
  • BSSC की लंबित परीक्षाएं जल्द कराने की मांग।
  • BET परीक्षा की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग।
  • लाइब्रेरियन समेत अन्य सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने की मांग।
  • परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र, उत्तर-कुंजी और OMR शीट उपलब्ध कराने की मांग।
  • सरकारी भर्ती परीक्षाओं के लिए निश्चित वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग।
  • पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग।
  • भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा, डोमिसाइल नीति और लंबित नियुक्तियों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट नीति बनाने की मांग।

प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर छात्रों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

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