Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

10 दिन में टूटा शांति समझौता! अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, ईरान का जवाबी कार्रवाई का दावा

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share

वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुआ शांति समझौता ज्यादा दिन नहीं टिक सका। दोनों देशों के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है और हमलों के दावे-प्रतिदावे सामने आ रहे हैं।

अमेरिका का ताबड़तोड़ हमला

अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स के साथ-साथ तटीय रडार ठिकानों पर हमले किए गए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों को सीज़फायर उल्लंघन के जवाब में की गई कार्रवाई बताया।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

हमले की वजह क्या बताई गई?

CENTCOM के मुताबिक, 25 जून को होर्मुज जलडमरूमध्य में सिंगापुर के कार्गो शिप ‘एमवी एवर लवली’ पर ईरान की ओर से ड्रोन हमला किया गया था। इसे युद्धविराम का उल्लंघन मानते हुए अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की।

ईरान का पलटवार का दावा

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों के जवाब में उसकी नौसेना ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि इस कार्रवाई का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

अमेरिकी नेतृत्व का सख्त संदेश

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट कहा कि “हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा।”
वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने भी संकेत दिया कि अमेरिका अपने हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।

ईरान का पक्ष

ईरान का कहना है कि कार्गो शिप पर हमला इसलिए किया गया क्योंकि वह उस समुद्री मार्ग से गुजर रहा था जिसे ईरान ने अधिकृत नहीं किया था।
ईरानी संसद की सुरक्षा समिति के चेयरमैन इब्राहिम अज़ीज़ी ने अमेरिका पर बातचीत और सीज़फायर दोनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

फिर टकराव की ओर?

दोनों देशों के बीच बढ़ता यह तनाव वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बन गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री मार्ग में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से आक्रामक बयानबाजी जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कूटनीतिक प्रयास नहीं हुए, तो यह तनाव बड़े संघर्ष का रूप ले सकता है।

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31