पटना: बिहार की राजधानी पटना से एक खास रिपोर्ट, जहां इन दिनों सम्राट चौधरी अपने सख्त तेवर और तेज फैसलों के चलते सुर्खियों में हैं। गृहमंत्री और उपमुख्यमंत्री के तौर पर उनकी डबल जिम्मेदारी बिहार की कानून-व्यवस्था और विकास दोनों को नई दिशा दे रही है।
डबल इंजन सरकार में ‘डबल रोल’
नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में सम्राट चौधरी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
वे नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ विजन को राज्य में लागू करने पर जोर दे रहे हैं।
कानून-व्यवस्था पर सख्ती: ‘अपराध छोड़ो या बिहार छोड़ो’
गृहमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने अपराधियों को सीधा संदेश दिया—या तो अपराध छोड़ें, या बिहार छोड़ दें।
- जमीन, शराब और बालू माफिया पर सख्त कार्रवाई
- पुलिस को फ्री हैंड, तेज एक्शन
- जनता में सुरक्षा का भरोसा मजबूत
उनके इस मॉडल में पुलिस सक्रिय, अपराधी दबाव में और आम जनता राहत महसूस कर रही है।
‘सम्राट का स्मार्ट प्लान’: क्राइम कंट्रोल का नया फॉर्मूला
अपराध पर लगाम कसने के लिए सम्राट चौधरी ने बहुस्तरीय रणनीति लागू की है:
- सख्त अल्टीमेटम: अपराधियों को 3 महीने में सुधार या राज्य छोड़ने की चेतावनी
- एनकाउंटर + संपत्ति जब्ती: अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई और आर्थिक चोट
- जीरो टॉलरेंस: बुलडोजर और मुठभेड़ जैसी सख्त नीति
- अपराधियों की लिस्टिंग: 400+ अपराधियों की पहचान कर निगरानी
- संगठित अपराध की नई परिभाषा: छोटे अपराधों को भी गंभीरता से शामिल
- डिजिटल पुलिसिंग (CCTNS): FIR और केस की ऑनलाइन ट्रैकिंग से पारदर्शिता
आंकड़े क्या कहते हैं? ‘जंगलराज’ से ‘सुशासन राज’ तक
राज्य के DGP विनय कुमार द्वारा पेश आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो दशकों में अपराध में उल्लेखनीय गिरावट आई है:
- हत्या: 2001 में 3,619 → 2025 में 2,556
- डकैती: 2004 में 1,297 → 2025 में 174 (करीब 80% कमी)
- लूट: 2004 में 2,909 → 2025 में 1,558
- दंगे: 2014 में 13,566 → 2025 में 2,502
इन आंकड़ों के आधार पर सरकार का दावा है कि बिहार में अब ‘जंगलराज’ नहीं, बल्कि सुशासन राज स्थापित हो रहा है।
प्रशासनिक सुधार और सिस्टम में बदलाव
सम्राट चौधरी ने कई अहम फैसले लेकर प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया है:
- पेपर लीक रोकने के लिए SIT का गठन
- ‘डायल 112’ सेवा को अधिक प्रभावी बनाना
- थानों में जनता दरबार अनिवार्य
- पुलिस लाइनों में आवासीय स्कूल की पहल
विकास पर फोकस: रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर
उपमुख्यमंत्री के रूप में वे सिर्फ कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि विकास पर भी जोर दे रहे हैं:
- 5 साल में 50 लाख रोजगार देने का दावा
- अगले 5 साल में 1 करोड़ नौकरी-रोजगार का लक्ष्य
- बिहार को इंडस्ट्रियल हब बनाने की योजना
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी तेजी:
- फोरलेन और सिक्सलेन सड़क परियोजनाएं
- एक्सप्रेस-वे निर्माण
- कई एयरपोर्ट पर काम जारी
पर्यटन को बढ़ावा: बिहार को वैश्विक नक्शे पर लाने की तैयारी
- बेगूसराय का सिमरिया घाट, वाराणसी की तर्ज पर विकसित
- वैशाली में 72 एकड़ में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय
- मधुबनी हाट, कैमूर-भभुआ और गया के पर्यटन स्थलों का विकास
2030 का लक्ष्य: ‘विकसित बिहार’
सम्राट चौधरी ‘विकसित बिहार 2030’ के विजन पर काम कर रहे हैं। पंचायती राज मंत्री के रूप में उनके अनुभव और वर्तमान भूमिका को देखते हुए उन्हें राज्य की विकास यात्रा का अहम चेहरा माना जा रहा है।





