सुपौल व्यवहार न्यायालय का मना 11वां स्थापना दिवस, DJ-DM-SP ने किया पौधरोपण

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सुपौल :    जिला व्यवहार न्यायालय का 11वां स्थापना दिवस शनिवार की शाम जिला न्यायालय परिसर में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया. कार्यक्रम का आयोजन जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुपौल अनंत सिंह के मार्गदर्शन में हुआ.

 समारोह का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह, जिलाधिकारी सावन कुमार तथा आरक्षी अधीक्षक शरथ आर.एस. द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया.

   कार्यक्रम की शुरुआत के साथ ही न्यायिक परंपराओं एवं न्यायालय की गौरवशाली यात्रा को याद किया गया. दीप प्रज्वलन के पश्चात सभी गणमान्य अतिथियों ने न्यायालय परिसर में सामूहिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा इस विशेष अवसर को यादगार बनाया. वृक्षारोपण कार्यक्रम में अधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया.

  इसके बाद जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, न्यायिक पदाधिकारियों और बार के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा सामूहिक रूप से केक काटकर न्यायालय की 11वीं वर्षगांठ मनाई गई। पूरे कार्यक्रम में सौहार्द, अनुशासन और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला.

   समारोह में सुपौल व्यवहार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश एवं परिवार न्यायालय के न्यायाधीश राहुल उपाध्याय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ग़ज़नफ़र हैदर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अफजल आलम सहित सभी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायिक दंडाधिकारी, अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष, सचिव एवं अन्य अनेक वरिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे. अभियोजन कार्यालय की ओर से जिला अभियोजन पदाधिकारी एवं सभी सहायक अभियोजन पदाधिकारियों ने भी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई. न्यायालय के कर्मचारीगण भी पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ आयोजन में शामिल हुए.

   कार्यक्रम का मंच संचालन न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी आदित्य प्रकाश ने किया. कार्यक्रम में बिहार न्यायिक अकादमी, पटना के डिप्टी डायरेक्टर निशिकांत ठाकुर की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया.

  अपने संबोधन में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह ने कहा कि न्यायालय का मुख्य उद्देश्य समाज में न्याय, समानता और विधि के शासन को स्थापित करना है. उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते उपयोग से न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और जनसुलभ बन रही है. उन्होंने न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं से न्याय की गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करने का आह्वान किया.

   जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि प्रशासन और न्यायालय के बीच सहयोग जितना मजबूत होगा, न्यायिक व्यवस्था उतनी ही प्रभावी होगी. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और न्यायिक प्रक्रियाओं में सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है.

   आरक्षी अधीक्षक शरथ आर.एस. ने कहा कि पुलिस विभाग का लक्ष्य न्यायालय की अपेक्षाओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, केस निपटान में गति और पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है. उन्होंने कहा कि पुलिस और न्यायालय के मजबूत तालमेल से न्यायिक प्रणाली और सशक्त होगी.

   अंत में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मियों ने त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी न्याय सेवा के प्रति संकल्प दोहराया. धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया.

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