चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र स्थित बहदा गांव में रविवार शाम कुइली पहाड़ी नदी में अचानक तेज पानी आने से बड़ा हादसा हो गया। अंतिम संस्कार से लौट रहे ग्रामीण नदी पार कर रहे थे, इसी दौरान पहाड़ी क्षेत्र से आई तेज जलधारा की चपेट में कई लोग बह गए। हादसे के बाद शुरू किए गए तलाशी अभियान में देर रात दो लोगों के शव बरामद कर लिए गए, जबकि एक महिला समेत लापता लोगों की तलाश जारी है।
500 मीटर दूर झाड़ियों में मिला पहला शव
हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने अपने स्तर पर नदी के आसपास खोजबीन शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद रोया सिद्धू की मां का शव घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर नदी किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। ग्रामीणों ने शव को बाहर निकाला।
इसके बाद तलाशी अभियान जारी रखा गया। कुछ देर बाद रोया सिद्धू के पिता बोसेन सिद्धू का शव भी बरामद कर लिया गया।
सुनीता सिद्धू तेज धारा में बहीं
हादसे में बामिया सिद्धू की पत्नी सुनीता सिद्धू भी तेज जलधारा की चपेट में आकर बह गईं। काफी देर तक खोजबीन के बावजूद उनका पता नहीं चल सका। उनकी तलाश के लिए छोटानागरा थाना प्रभारी गौतम कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची।
पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने नदी के आसपास संभावित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

पुलिस और ग्रामीणों का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
छोटानागरा थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। पुलिस और ग्रामीण नदी के आसपास लगातार संभावित स्थानों पर खोजबीन कर रहे हैं।
रात होने के कारण दृश्यता कम होने और कुइली नदी में पानी का बहाव तेज रहने से बचाव अभियान में काफी परेशानी हुई। इलाके में बारिश के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई थी। तेज बहाव के बीच नदी में उतरकर तलाश करना बेहद जोखिम भरा रहा। इसके बावजूद पुलिस और ग्रामीण देर रात तक अभियान में जुटे रहे।
अंतिम संस्कार से लौटते समय हुआ हादसा
ग्रामीणों के अनुसार, रविवार को गांव के लोग एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। वहां से लौटते समय सभी कुइली नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी क्षेत्र से अचानक पानी का तेज बहाव नीचे की ओर आया।
देखते ही देखते नदी का जलस्तर बढ़ गया और पानी की धारा इतनी तेज हो गई कि ग्रामीण खुद को संभाल नहीं सके। कई लोग पानी में बह गए। हादसे के बाद से गांव में अफरा-तफरी का माहौल है और लापता लोगों के परिजनों की चिंता बढ़ गई है।






