रांची, 07 सितंबर । झारखंड हाईकोर्ट में प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला लागू करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। मामले में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से जवाब दाखिल किया गया। कोर्ट ने पूर्व में जेएसएससी से आठ बिंदुओं पर जवाब मांगा था।
न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रार्थियों और जेएसएससी, दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तारीख निर्धारित की। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स, अधिवक्ता शुभम मिश्रा और अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता ने पक्ष रखा।
प्रार्थियों ने नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले को बताया नियम विरुद्ध
सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि जेएसएससी ने सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में जो नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला लागू किया है, वह उचित नहीं है। उनका कहना था कि नियुक्ति नियमावली में नॉर्मलाइजेशन का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में परीक्षा में इसे लागू करना नियमों के अनुरूप नहीं है।
JSSC ने विज्ञापन का दिया हवाला
वहीं, जेएसएससी की ओर से प्रार्थियों की दलीलों का विरोध किया गया। आयोग की ओर से कहा गया कि परीक्षा के विज्ञापन में ही नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई थी। साथ ही आयोग की ओर से सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का भी हवाला दिया गया, जिसमें नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
गिरधर राउत समेत अन्य ने दाखिल की है याचिका
मामले में प्रार्थी गिरधर राउत एवं अन्य की ओर से याचिका दाखिल की गई है। याचिका के माध्यम से सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में लागू नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले को चुनौती दी गई है।
फिलहाल हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।






