सहकारिता मॉडल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती : रामकृपाल यादव

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सहकारिता मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण, विभागीय प्राथमिकताओं पर हुई समीक्षा बैठक

पटना, 08 मई । बिहार सरकार में सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने शुक्रवार को विभाग का पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ प्रारंभिक समीक्षा बैठक कर प्राथमिकताओं और भावी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।

‘ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सहकारिता की अहम भूमिका’

बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहकारिता मॉडल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का भी प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं और किसानों, महिलाओं तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाने पर जोर

रामकृपाल यादव ने कहा कि सहकारिता विभाग के माध्यम से सहकारी समितियों का निबंधन, संचालन की निगरानी, सहकारी बैंकों के जरिए कृषि एवं गैर-कृषि साख उपलब्ध कराना और खाद्यान्न अधिप्राप्ति के जरिए किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं के जरिए किसानों और ग्रामीण उत्पादकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य और बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।

पैक्स को बनाया जाएगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था का केंद्र

मंत्री ने विभाग की भविष्य की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पैक्सों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बहुआयामी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कृषि इनपुट, भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण, विपणन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को पैक्सों से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पैक्स सहकारिता व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी है और इसके सर्वांगीण विकास के लिए विशेष पहल की जाएगी।

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