रांची: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त 2026 तक चलेगा। पांच कार्य दिवस वाले इस सत्र के दौरान 7 अगस्त को वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा। सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में चल रहे छात्र आंदोलन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन या सरकार का प्रतिनिधिमंडल जल्द से जल्द आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर बातचीत करे, ताकि गतिरोध समाप्त हो सके।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि छात्र आंदोलन के मुद्दे पर कार्य मंत्रणा समिति में भी चर्चा की जाएगी और आवश्यक पहल पर विचार होगा।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में जयराम महतो ने भी आंदोलनरत छात्रों का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री छात्र आंदोलन के मुद्दे पर टालमटोल कर रहे हैं। जयराम महतो ने कहा कि उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है कि छात्रों का आंदोलन जल्द समाप्त कराने के लिए प्रभावी पहल की जाए।
उन्होंने सुझाव दिया कि संसदीय कार्य मंत्री की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल छात्रों से मुलाकात करे और उनकी मांगों पर गंभीरता से चर्चा करे। जयराम महतो ने चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से सार्थक पहल नहीं हुई, तो वे स्वयं छात्रों के समर्थन में अनशन पर बैठेंगे।
सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, जेएलकेएम विधायक जयराम महतो, आजसू विधायक निर्मल महतो तथा लोजपा विधायक जनार्दन पासवान समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
अब विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान छात्र आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर सरकार के रुख तथा विपक्ष की रणनीति पर सभी की नजर रहेगी।






