नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने आईआईसीडीईएम-2026 के दौरान 32 देशों के निर्वाचन प्रबंधन निकायों के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में वैश्विक चुनावी अनुभवों, तकनीकी नवाचारों और लोकतांत्रिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई। आयोग ने ईसीआईनेट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रशिक्षण सहयोग की पेशकश भी की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने भारत मंडपम में आयोजित भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं चुनाव प्रबंधन सम्मेलन (आईआईसीडीईएम-2026) के अवसर पर ये बैठकें कीं।
चुनाव आयोग के अनुसार बैठकों के दौरान विभिन्न देशों के चुनावी प्रबंधन निकायों के साथ चुनाव संचालन, पारदर्शिता, तकनीक के उपयोग और क्षमता निर्माण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। आयोग ने स्पष्ट किया कि सहयोग संबंधित देशों के अपने कानूनों के अनुरूप होगा। भारत ने आईआईडीईएम के माध्यम से चुनाव अधिकारियों को प्रशिक्षण सहायता देने का भी प्रस्ताव रखा।
इस दौरान कई देशों ने ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म की सराहना की और अपनी-अपनी चुनावी प्रणालियों में इसी तरह की तकनीकी व्यवस्थाएं अपनाने में रुचि दिखाई। आयोग के अनुसार इन संवादों से लोकतांत्रिक शासन के भविष्य पर उच्च स्तरीय वैश्विक चर्चा को बल मिला है।
जिन देशों के साथ बैठकें हुईं, उनमें मॉरीशस, मैक्सिको, इंडोनेशिया, पुर्तगाल, पेरू, फिलीपींस, दक्षिण अफ्रीका, ट्यूनीशिया, नामीबिया, मंगोलिया, यूनाइटेड किंगडम, चेक गणराज्य, अमेरिका, श्रीलंका, नाइजीरिया, आयरलैंड सहित कुल 32 देश शामिल हैं। शेष देशों के साथ बैठकें अगले दिन प्रस्तावित हैं।
उल्लेखनीय है कि आईआईसीडीईएम-2026 लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में भारत की ओर से आयोजित अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है। इसका उद्देश्य वैश्विक सहयोग और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है।





