विपक्ष का प्रदर्शन तेज, राहुल गांधी को बोलने देने की मांग पर लोकसभा नहीं चल सकी

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नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के 9वें दिन सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने देने की मांग को लेकर कई बार बाधित होने के बाद अंत में अगले दिन पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी दलों ने आठ सदस्यों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर न दिए जाने के मुद्दे पर सदन में हंगामा किया। इस दौरान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण सदन में मौजूद रहीं।

लोकसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने के बाद विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण पहले 12 बजे तक और फिर 02 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 2 बजे फिर से कार्यवाही शुरू होने पर पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने कांग्रेस सदस्य शशि थरूर को बजट पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया लेकिन थरूर ने पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की अपील की और अपनी सीट पर बैठ गए। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वह एक घंटे पहले लोकसभा अध्यक्ष से मिले थे और उन्हें व्यक्तिगत रूप से बोलने का आश्वासन दिया गया था। बजट पर चर्चा से पहले कुछ मुद्दे उठाने की अनुमति मांगी थी, इसलिए अब स्पष्ट किया जाए कि उन्हें बोलने दिया जाएगा या नहीं। इस पर पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने कहा कि उनके पास राहुल गांधी का कोई नोटिस नहीं आया है और उन्हें यह भी मालूम नहीं कि उनका विषय क्या है। जब नोटिस आएगा तब चर्चा होगी, फिलहाल बजट पर चर्चा होनी चाहिए। इस पर विपक्षी सदस्य लगातार हंगामा करते रहे।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष को समझाने की कोशिश की। रिजिजू ने कहा कि वह स्वयं विपक्ष की बैठक के दौरान अध्यक्ष के चैंबर में मौजूद थे। राहुल गांधी का बयान पूरी तरह सही नहीं है। अध्यक्ष ने कोई आश्वासन नहीं दिया था, बल्कि केवल यह कहा था कि यदि बातचीत सही ढंग से होगी तो सभी दलों के नेताओं को बोलने का अवसर मिलेगा।

सदन में लगातार शोर-शराबे और नारेबाज़ी के बीच शशि थरूर ने राहुल गांधी से पहले बोलने से इनकार कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले, अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही शुरू होने पर सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील करते हुए प्रश्नकाल के बाद सभी को अपनी बात रखने का अवसर मिलने की बात कही। इसके बावजूद हंगामा जारी रहा और कार्यवाही कुछ ही मिनट में दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

दोपहर 12 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्ष का हंगामा नहीं थमा। पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने स्थगन प्रस्तावों को नामंजूर करने के बाद कार्यवाही जारी रखी। इस दौरान विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर केंद्रीय मंत्रियों ने सदन के पटल पर रखे। शून्यकाल में जनहित विषयों पर चर्चा का समय दिया गया। इसके बाद वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने संशोधित कार्यसूची के अनुसार विवरण प्रस्तुत किया लेकिन विपक्ष के हंगामे के वजह से सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।

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