लखनऊ, 4 मई — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का भरोसा दिलाया।
शिक्षा पर खास जोर
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। जब कुछ बच्चों का स्कूल में एडमिशन न होने की बात सामने आई, तो उन्होंने अभिभावकों को सख्ती से समझाया कि बच्चों की शिक्षा बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि “शिक्षित बच्चा ही समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण करेगा।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है और बेसिक व माध्यमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है।
- परिषदीय स्कूलों में बच्चों को ड्रेस, किताबें, जूते-मोजे के लिए ₹1200 की सहायता
- मिड-डे मील के तहत पौष्टिक भोजन की व्यवस्था
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों का जल्द से जल्द स्कूल में नामांकन कराने और नियमित भेजने की अपील की।
युवाओं को दिया भरोसा
कार्यक्रम में पहुंचे युवाओं ने रोजगार को लेकर अपनी बात रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है। उन्होंने युवाओं से मेहनत पर ध्यान देने और किसी सिफारिश के चक्कर में न पड़ने की सलाह दी।
अवैध कब्जे पर सख्ती
जनता दर्शन में अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत जांच के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राजस्व, प्रशासन और पुलिस मिलकर मामलों की जांच करें, दोषियों पर कार्रवाई करें और पीड़ितों को संतुष्ट करें।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी शिकायतें किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
निष्कर्ष:
जनता दर्शन के जरिए मुख्यमंत्री ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता शिक्षा, रोजगार और कानून व्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि प्रदेश को शिक्षित, समृद्ध और सशक्त बनाया जा सके।






