रिकॉर्ड तोड़ने के लिए राजनीति नहीं की: सिद्धारमैया

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मैसूरु। समाज में आज भी असमानता मौजूद है और जब तक यह समाप्त नहीं होती तथा सभी को समान न्याय नहीं मिलता, तब तक वे संघर्ष करते रहेंगे और जनता के लिए काम करते रहेंगे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने यह बात मंगलवार को मैसूरु स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान कही।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवराज अरसू के शासनकाल के रिकॉर्ड की बराबरी करने से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने कभी रिकॉर्ड तोड़ने के उद्देश्य से राजनीति नहीं की। यह रिकॉर्ड संयोगवश बना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें यह जानकारी तक नहीं थी कि देवराज अरसू ने कितने वर्षों तक राज्य का नेतृत्व किया था। यह सब जनता के आशीर्वाद और समर्थन से संभव हो पाया है।

मुख्यमंत्री पद का कार्यकाल पूरा करने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि इस विषय में निर्णय पार्टी नेतृत्व को लेना है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि वे अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि लंबे राजनीतिक जीवन ने उन्हें संतोष दिया है और जनता के लिए काम करना उनके लिए खुशी की बात है। उनके अनुसार राजनीति का असली अर्थ गरीबों, दलितों और पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा करना और उनके लिए काम करना है।

अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी मुख्यमंत्री बनने का सपना नहीं देखा था। उनकी अधिकतम इच्छा विधायक बनने की थी, लेकिन परिस्थितियों और अवसरों के चलते वे विधायक बने, मंत्री, उपमुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता और अंततः मुख्यमंत्री भी बने। उन्होंने कहा कि उन्हें मिले अवसरों और जनता के विश्वास के कारण यह सब संभव हो सका।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवराज अरसू और वे दोनों मैसूरु से हैं और दोनों ने लंबे समय तक मुख्यमंत्री के रूप में सेवा दी है, हालांकि दोनों का कार्यकाल अलग-अलग कालखंडों में रहा। देवराज अरसू 1972 से 1980 तक मुख्यमंत्री रहे, जबकि वे स्वयं दो बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दोहराया कि जब तक समाज में असमानता और अन्याय रहेगा, तब तक वे जनता के हितों के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

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