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राष्ट्रपति मुर्मू ने उत्कृष्ट कार्यों के लिए वीर बाल दिवस पर देश के 20 बच्चों को दिए राष्ट्रीय बाल पुरस्कार

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल वीर पुरस्कार प्रदान किए। जिसमें देशभर के 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 20 नौनिहाल शामिल हैं। 6 श्रेणियों वीरता, कला-संस्कृति, विज्ञान, पर्यावरण, सामाजिक सेवा और खेल के क्षेत्र में पुरस्कार दिए गए। पुरस्कृत 20 बच्चों में से दो बच्चों तमिलनाडु की व्योमा और बिहार के कमलेश को मरणोपरांत बाल पुरस्कार मिला। सिखों के 10वें और अंतिम गुरु गोविंद सिंह जी के 4 बेटों की शहादत के सम्मान में हर साल 26 दिसंबर वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 2022 में इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी।

तमिलनाडु की 8 साल की व्योमा प्रियाः 6 साल के बच्चे जियांश रेड्डी को बिजली के करंट से बचाते हुए 8 वर्षीया व्योमा प्रिया की जान चली गई थी। इस बहादुरी के लिए व्योमा को मरणोपरांत बाल वीर पुरस्कार दिया गया। उसकी मां अर्चना शिवरामकृष्णन ने पुरस्कार ग्रहण किया।

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बिहार के कैमूर जिला निवासी 11 वर्षीय कमलेशः दुर्गावती नदी में डूब रहे एक बच्चे की जान बचाते हुए 11 वर्षीय कमलेश की जान चली गई। इस बहादुरी के लिए कमलेश को बाल पुरस्कार दिया गया है, जो उसके पिता ने ग्रहण किया।

आंध्र प्रदेश की 17 वर्षीय शिवानी होसरु उप्परा पैरा एथलीट हैं और खेलों में दिव्यांग शिवानी के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें बाल पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। उन्होंने शॉटपुट और भाला फेंक में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर आठ से अधिक पुरस्कार जीते हैं। उन्होंने थाईलैंड में आयोजित विश्व एबिलिटीस्पोर्ट्स गेम्स(2023) अंडर 20 चैंपियन का खिताब जीता।

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बिहार के ताजपुर निवासी 14 साल के वैभव सूर्यवंशी को भी बाल पुस्कार दिया गया है। वैभव ने पाकिस्तानी क्रिकेटर का 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ कर इतिहास रचा था। अंडर-19 वर्ल्ड-कप, विजय हजारे टूर्नामेंट और यू-19 एशिया कप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें बाल पुरस्कार दिया गया है।

झारखंड की 14 वर्षीय फुटबॉलर अनुष्का को खेल क्षेत्र में शानदान प्रदर्शन के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 देकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सम्मानित किया।

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चंडीगढ़ निवासी 17 वर्षीय वंश समाजसेवी हैं। लोगों की सेवा करने के उनके जज्बे को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें राष्ट्रपति वीरता बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

महाराष्ट्र के 17 वर्षीय अर्णव महर्षि ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन बनाया है, जिसे केंद्र सरकार ने पेटेंट कराया है और इसका कॉपीराइट लिया गया है। इस टैलेंट के लिए अर्णव को साइंस और इनोवेशन कैटेगरी में बाल पुरस्कार दिया गया है।

मिजोरम की 9 साल की एस्थर लालदुहोमि हनामते को कला और संस्कृति के लिए पुरस्कार मिला। लालदुहावमी के गाए गए गीत को गृह मंत्री अमित शाह ने सराहा और उन्होंने गिटार दिया। हनामते के पिता लोहे का काम करते हैं। हनामते एक यूट्यूब स्टार हैं और उनके चैनल पर 20 मिलियन फॉलोवर्स हैं।

पश्चिम बंगाल के 16 साल के सुमन सरकार तबला वादक हैं। उन्होंने तीन साल तक तबला सीखा और 62 से अधिक प्रस्तुति दी हैं। अबतक उन्हें 22 प्रथम पुरस्कार सहित 43 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।

छत्तीसगढ़ के कोनागांव निवासी 14 साल की योगिता मंडावी ने बचपन में ही माता-पिता को खो दिया। नक्सली प्रभावित इलाके में रहते हुए भी हिम्मत नहीं हारी और जूडो की नेशनल प्लेयर बनीं। कई नेशनल अवार्ड जीत चुकी योगिता की हिम्मत को पुरस्कृत करने के लिए उन्हें बाल पुरस्कार दिया गया है।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिला निवासी 17 वर्षीय पूजा ने एक ऐसी थ्रेसर मशीन बनाई है, जिससे धूल-मिट्टी नहीं उड़ती और यह वायु प्रदूषण को रोकने में कारगर है। इस अनोखे आविष्कार के लिए पूजा को बाल पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। इनकी असाधारण प्रतिभा ने इन्हें इंस्पायर-मानिक एनएलईपीसी (2023) में शीर्ष 60 में स्थान दिलाया है। पूजा पूरे देश के युवा शिक्षार्थियों के लिए नवाचार और दृढ़ संकल्प का प्रतीक हैं।

असम की ऐशी प्रिषा बोराह ने वेस्ट पेपर से पेंसिल बनाने की मशीन बनाई और अखबारों का इस्तेमाल करके मल्च बनाया। साथ ही, ग्रेवॉटर को री-सायकिल करने और उसे ग्राउंडवॉटर में बदलने का सिस्टम भी डेवलप किया। ऐशी ने बताया कि उनके सभी इनोवेशन कम लागत वाले हैं और बिना बिजली के चलते हैं।

17 वर्षीय अतंरराष्ट्रीय पैरा-एथलीट ज्योति ने शॉट पुट, डिस्कस थ्रो और भाला फेंक में 15 से अधिक पदक जीते हैं। इन्होंने थाइलैंड में आयोजित विश्व एबिलिटी स्पोर्ट्स गेम्स (2023) में दो रजत और एक कांस्य पदक जीता। खेल के क्षेत्र में इनकी उत्कृष्ता के लिए ज्योति को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

गुजरात के सूरत जिले की 7 वर्षीय ग्रैंडमास्टर चेस प्लेयर वाका लक्ष्मी प्रज्ञिका वर्ल्ड चैम्पियन हैं। फिडे वर्ल्ड स्कूल चेस चैंपियनशिप 2025 में सभी 9 मुकाबले जीतकर लक्ष्मी ने खिताब जीता था। इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए लक्ष्मी को बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

पंजाब के फिरोजपुर निवासी 10 साल के श्रवण ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जवानों को चाय-दूध पिलाकर उनकी सेवा की थी, इसी जिंदादिली के लिए श्रवण को बाल पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

केरल के 11 साल के मोहम्मद सिदान पी ने बहादुरी दिखाते हुए बिजली करंट से अपने 2 दोस्तों की जान बचाई थी। इस बहादुरी के लिए सिदान को बाल पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है।

उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी 9 साल के अजय राज के पिता को मगरमच्छ ने पकड़ लिया था, लेकिन अजय ने बिना डरे मगरमच्छ को लकड़ी से हमला करके भगाया और पिता की जान बचाई। इस बहादुरी के लिए अजय को बाल पुरस्कार दिया गया।

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