रांची के बिरसा चौक में अतिक्रमण हटाने पर बवाल, महिलाओं और प्रशासन के बीच झड़प; पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Share

रांची, 16 सितंबर। बिरसा चौक के मामा नगर इलाके में बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। एचईसी की जमीन पर बने मकानों को हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। इस दौरान महिलाओं और प्रशासनिक टीम के बीच झड़प हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।

मकान हटाने पहुंची प्रशासन की टीम

प्रशासन की टीम बुधवार को बिरसा चौक स्थित मामा नगर पहुंची थी। यहां एचईसी की जमीन पर बने मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई के लिए नगर निगम की ओर से करीब 10 बुलडोजर मौके पर लगाए गए थे।

प्रशासनिक टीम की कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और मकान तोड़े जाने का विरोध करने लगे।

महिलाओं और प्रशासनिक टीम के बीच झड़प

कार्रवाई के विरोध के दौरान महिलाओं और प्रशासनिक टीम के बीच झड़प हो गई। प्रशासनिक टीम पर विरोध कर रही महिलाओं की ओर से हमला किए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।

घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

10 बुलडोजर से हटाए जा रहे मकान

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान नगर निगम की ओर से करीब 10 बुलडोजर लगाए गए हैं। पुलिस बल की मौजूदगी में मकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन की कार्रवाई को लेकर इलाके में लोगों के बीच आक्रोश भी देखा गया।

20 वर्षों से रहने का दावा

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध कर रही बस्ती बचाओ संघर्ष समिति का दावा है कि यहां रहने वाले लोग करीब 20 वर्षों से रह रहे हैं। समिति का कहना है कि लंबे समय से यहां रहने वाले परिवारों के मकान हटाए जाने से उनके सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

समिति ने मांग की है कि मकान तोड़ने से पहले प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक जमीन या पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।

200 से अधिक मकान होने का दावा

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बिरसा चौक के मामा नगर इलाके में 200 से अधिक मकान बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित होंगे।

कार्रवाई के बाद कई परिवारों के सामने सिर छिपाने की जगह का संकट पैदा हो गया है। मकान टूटने के बाद कुछ परिवारों के सदस्य रोते-बिलखते नजर आए।

पुनर्वास की मांग पर अड़े स्थानीय लोग

स्थानीय लोगों और बस्ती बचाओ संघर्ष समिति की मुख्य मांग है कि वर्षों से यहां रह रहे परिवारों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेघर नहीं किया जाए। उनका कहना है कि प्रशासन को पहले पुनर्वास या रहने के लिए वैकल्पिक जमीन की व्यवस्था करनी चाहिए।

फिलहाल इलाके में पुलिस बल की तैनाती के बीच अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है और स्थिति पर प्रशासन नजर बनाए हुए है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930