बोले- अगले तीन वर्षों में वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा उत्तर प्रदेश
गोरखपुर, 11 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश अपनी युवा शक्ति के बल पर तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। यहां के लोगों, खासकर युवाओं में कभी प्रतिभा और परिश्रम की कमी नहीं रही। उन्हें जब भी अवसर मिला, उन्होंने अपनी क्षमता का लोहा मनवाया।
मंगलवार को गोरखपुर में एक न्यूज चैनल की ओर से आयोजित कॉन्क्लेव ‘बदलता पूर्वी उत्तर प्रदेश’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश अपनी अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफल रहा है। इसी अवधि में पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय भी तीन गुना से अधिक हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं, अवसर की थी कमी
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं पर किसी तरह का लांछन लगाना उचित नहीं है। यदि पहले प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा और क्षमता का विकास में पर्याप्त उपयोग नहीं हो सका तो इसके लिए युवा जिम्मेदार नहीं थे, बल्कि वह व्यवस्था जिम्मेदार थी, जो उन्हें उचित मंच और अवसर उपलब्ध नहीं करा सकी।
उन्होंने कहा कि जब युवाओं को मंच उपलब्ध कराने वाली सरकार आई तो हर क्षेत्र में उनके लिए अवसर तैयार किए गए। इसका परिणाम है कि आज प्रदेश के युवा देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
पूर्वी यूपी से विदेश गए लोग आज नेतृत्वकारी भूमिका में
सीएम योगी ने कहा कि एक समय पूर्वी उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग रजिस्टर्ड श्रमिक के रूप में मॉरीशस, फिजी समेत विभिन्न देशों में गए थे। आज उन्हीं लोगों के वंशज कई देशों में नेतृत्वकारी भूमिकाओं में हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कभी प्रतिभा की कमी नहीं थी, बल्कि उचित प्लेटफॉर्म नहीं मिलने की समस्या थी। इस क्षेत्र को लंबे समय तक अपेक्षित प्रोत्साहन नहीं मिला। पिछले नौ वर्षों में अकेले गोरखपुर में हुए निवेश से करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है।
यूपी की 56 से 60 फीसदी आबादी युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला राज्य है। प्रदेश की करीब 56 से 60 प्रतिशत आबादी युवा है। यह युवा शक्ति प्रतिभाशाली और ऊर्जावान है। सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, आधुनिक तकनीक की स्किलिंग, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए अलग-अलग स्तर पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था की गई है। इसमें वर्चुअल और फिजिकल दोनों माध्यमों से यूपीएससी, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, नीट और आईआईटी-जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। जिलाधिकारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सहित विभिन्न पदों पर तैनात अधिकारी भी इन केंद्रों से जुड़े युवाओं को समय देते हैं।
एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स की पढ़ाई पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि आज युवाओं की सबसे बड़ी आवश्यकता स्किलिंग की है। इसके लिए स्किल डेवलपमेंट सेंटर विकसित किए गए हैं। हर जिले में कम से कम दो आईटीआई को हब एंड स्पोक मॉडल के तहत आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है।
इन संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। युवाओं को प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र देने के साथ कैंपस सिलेक्शन की व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने कहा कि नौकरी के बजाय कारोबार शुरू करने वाले युवाओं के लिए भी अवसर उपलब्ध हैं। पीएम इंटर्नशिप, सीएम इंटर्नशिप और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से युवाओं को प्लेटफॉर्म दिया जा रहा है।
नौ साल में पूर्वी यूपी को मिले पांच नए विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, बलरामपुर में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और हाल में भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में पूर्वी उत्तर प्रदेश में काशी और प्रयागराज को छोड़कर कोई विश्वविद्यालय नहीं था। ऐसे में नौ वर्षों के भीतर पांच नए विश्वविद्यालयों की स्थापना क्षेत्र में शिक्षा के विस्तार का महत्वपूर्ण कदम है।
‘अब युवा बाहर नहीं जाते, उद्योग यहां आते हैं’
सीएम योगी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत राज्य के युवाओं का रोजगार के लिए बाहर जाना कम हुआ है। इसका असर दूसरे राज्यों के उद्योगों पर भी पड़ा है। अब महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु के उद्यमी उत्तर प्रदेश में निवेश की इच्छा लेकर आते हैं।
उन्होंने कहा कि उद्यमियों का कहना है कि पहले उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में मैनपावर दूसरे राज्यों में आती थी, लेकिन अब यहां के लोगों ने बाहर जाना कम कर दिया है। इसलिए वे उत्तर प्रदेश में ही उद्योग स्थापित करना चाहते हैं।
बेसिक शिक्षा में ड्रॉपआउट 19 से घटकर 3 प्रतिशत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। पहले प्रदेश में स्कूलों का ड्रॉपआउट रेट 19 प्रतिशत से अधिक था। स्कूलों में भवन, अलग-अलग शौचालय, पेयजल, खेल मैदान, फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी इसकी प्रमुख वजह थी।
ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से बेसिक शिक्षा परिषद के 1.36 लाख विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया गया। स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल और अलग-अलग शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसका असर बच्चों की उपस्थिति पर पड़ा है और ड्रॉपआउट रेट 19 प्रतिशत से घटकर करीब तीन प्रतिशत रह गया है।
माध्यमिक शिक्षा में भी हुआ सुधार
सीएम योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से माध्यमिक स्तर के विद्यालयों की स्थिति सुधारने का काम किया गया है। पुराने विद्यालयों और इंटर कॉलेजों के भवनों के निर्माण और पुनर्निर्माण के साथ लैब, क्लासरूम और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
‘माफिया और मच्छर पूर्वी यूपी की त्रासदी थे’
पूर्वी उत्तर प्रदेश की पुरानी कानून-व्यवस्था की स्थिति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ‘माफिया’ शब्द की चर्चा पूर्वी उत्तर प्रदेश से ही शुरू होती थी। उन्होंने कहा कि माफिया और मच्छर इस क्षेत्र की त्रासदी बन चुके थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया न केवल स्थानीय स्तर तक सीमित थे, बल्कि उनके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी थे और वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके थे। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश लंबे समय तक बीमारी, बाढ़, अराजकता और गुंडागर्दी जैसी समस्याओं से जूझता रहा।
दो साल में इंसेफेलाइटिस पर पाया काबू
सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने इंसेफेलाइटिस के खिलाफ 18-19 वर्षों तक लड़ाई लड़ी। सांसद रहते हुए इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाया और मुख्यमंत्री बनने के बाद दो वर्ष के भीतर इसके समाधान की दिशा में प्रभावी काम किया।
उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश अब इंसेफेलाइटिस की त्रासदी से बाहर निकल चुका है और कभी बीमारी का केंद्र रहा यह क्षेत्र मेडिकल सुविधाओं के बड़े केंद्र के रूप में उभरा है। उन्होंने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज और एम्स का भी उल्लेख किया।
कुशीनगर से सोनभद्र तक मेडिकल कॉलेजों का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, गाजीपुर, आजमगढ़, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर और अंबेडकरनगर में मेडिकल कॉलेज हैं। मऊ में भी मेडिकल कॉलेज का निर्माण चल रहा है।
उन्होंने कहा कि ये मेडिकल कॉलेज लोगों के भीतर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति बढ़ते विश्वास के प्रतीक हैं।
गोरखपुर से अब 14 उड़ानें, एक्सप्रेसवे से बदली कनेक्टिविटी
सीएम योगी ने कहा कि करीब एक दशक पहले गोरखपुर से कभी एक फ्लाइट चलती थी, जबकि आज यहां से 14 उड़ानें संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि रोड कनेक्टिविटी में भी पूर्वी उत्तर प्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, हाईवे और बेहतर अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी ने क्षेत्र की तस्वीर बदली है। उन्होंने गोरखपुर के फर्टिलाइजर कारखाने, पिपराइच और मुंडेरवा चीनी मिलों तथा कताई मिल और खजनी के कंबल कारखाने के फिर से शुरू होने का भी उल्लेख किया।
आस्था और पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी और अयोध्या में हुए विकास ने आस्था को सम्मान देने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काशी विश्वनाथ धाम अपने भव्य स्वरूप में देश-दुनिया के सामने है।
इसी तरह अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है। मुख्यमंत्री के अनुसार आध्यात्मिक पर्यटन ने उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है।
विकसित यूपी से बनेगा विकसित भारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प विकसित भारत का है और यह लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा। इसी तरह विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना तब साकार होगी, जब पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य क्षेत्र, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश मिलकर विकास के पायदान पर तेजी से आगे बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार सर्वसमावेशी विकास का लाभ हर गांव, हर गरीब, हर किसान, हर नौजवान और हर महिला तक पहुंचाने के लिए प्रयास कर रही है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज और उसकी अपेक्षाओं को सुनना आवश्यक है।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, वरिष्ठ पत्रकार राहुल जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






