पलामू, 10 अप्रैल।
जिले में बोली जाने वाली मगही और भोजपुरी को प्रतियोगिता परीक्षाओं में क्षेत्रीय एवं स्थानीय भाषा के रूप में शामिल करने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने शुक्रवार को मेदिनीनगर में आक्रोश मार्च निकाला।
भारत माता चौक से छह मुहान तक प्रदर्शन
स्थानीय भारत माता चौक (साहित्य समाज चौक) से छह मुहान तक मार्च करते हुए कार्यकर्ताओं ने मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान झारखंड सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व भाजयुमो जिला अध्यक्ष विपुल गुप्ता ने किया।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
प्रदर्शन में डालटनगंज के विधायक आलोक चौरसिया, पांकी के विधायक शशि भूषण मेहता, मेदिनीनगर की मेयर अरुणा शंकर और भाजपा जिला अध्यक्ष अमित तिवारी समेत कई नेता शामिल हुए।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पलामू के छात्रों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन भाषाओं का यहां प्रचलन नहीं है, उन्हें युवाओं पर थोपा जा रहा है, जो अन्यायपूर्ण है।
भाजयुमो जिला अध्यक्ष विपुल गुप्ता ने इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि युवाओं के अधिकारों का सवाल है।
सड़क से सदन तक लड़ाई का ऐलान
विधायक शशि भूषण मेहता ने कहा कि भाजपा युवाओं की इस लड़ाई को लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से सदन तक लड़ेगी। वहीं विधायक आलोक चौरसिया ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ को गंभीर बताते हुए सरकार को चेतावनी दी।
मेयर अरुणा शंकर ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पलामू में बोली जाने वाली मगही और भोजपुरी को नजरअंदाज करना युवाओं के साथ अन्याय है।
आंदोलन की चेतावनी
कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने मांग पूरी नहीं होने पर पूरे राज्य में व्यापक आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी।
इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।






