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मुजफ्फरपुर में प्रधानाध्यापक पर भ्रष्टाचार का आरोप, वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग सख्त

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मुजफ्फरपुर। जिले के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। सरैया प्रखंड स्थित एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर शिक्षकों से अवैध वसूली करने का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर अवैध उगाही का वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपी प्रधानाध्यापक के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।

क्या है पूरा मामला?

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यह घटना सरैया प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर अरार की है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो क्लिप में विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनोद कुमार कथित तौर पर शिक्षकों से धन उगाही करते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, शिक्षकों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा और अनुपस्थिति विवरणी जमा करनी थी। इसी प्रक्रिया के नाम पर प्रधानाध्यापक द्वारा प्रति शिक्षक 300 रुपये की अवैध मांग की गई और पैसे लेते हुए उनका वीडियो बना लिया गया।

डीईओ की त्वरित कार्रवाई

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वीडियो के वायरल होते ही जिला शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मुजफ्फरपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कुमार अरविन्द सिन्हा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 जनवरी 2026 को पत्रांक-25 जारी कर प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वीडियो में दिख रहे साक्ष्य प्रथम दृष्टया यह प्रमाणित करते हैं कि प्रधानाध्यापक ने अपने पद का दुरुपयोग किया है।

नियमों का उल्लंघन और आचार संहिता

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विभाग द्वारा जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि विनोद कुमार का यह कृत्य सरकारी कर्मचारी आचार संहिता-1976 का स्पष्ट उल्लंघन है। उन पर स्वेच्छाचारिता बरतने और कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन न करने का आरोप लगा है। गौर करने वाली बात यह है कि शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को अपनी संपत्ति का ब्यौरा कंप्यूटराइज्ड फॉर्मेट में जमा करने का आदेश पहले ही दिया था, जिसके लिए विभाग की ओर से कोई शुल्क निर्धारित नहीं है। ऐसे में किसी भी प्रकार की राशि की मांग पूरी तरह अवैध है।

24 घंटे के भीतर मांगा जवाब

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने आरोपी प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया है कि वे साक्ष्यों के साथ अपना स्पष्टीकरण स्वयं उपस्थित होकर कार्यालय में समर्पित करें। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना के बाद जिले के अन्य स्कूलों में भी हड़कंप का माहौल है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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