सूरत। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रण में ममता बनर्जी को चुनौती देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने एक अनोखी रणनीति अपनाई है। यह रणनीति बंगाल से हजारों किलोमीटर दूर सूरत से भी संचालित हो रही है।
‘वोटर्स स्पेशल’ ट्रेन से मतदाताओं की वापसी
रविवार रात सूरत के उधना रेलवे स्टेशन से 1300 से अधिक मतदाता “वोटर्स स्पेशल” ट्रेन में सवार होकर पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुए। प्लेटफॉर्म पर तिरंगा लहराते यात्रियों और “वंदे मातरम” व “जय श्रीराम” के नारों से माहौल देशभक्ति और उत्साह से भर गया।
4 ट्रेनों से 5000 मतदाताओं को भेजने की योजना
भाजपा और “सूरत बंगाली समाज” ने मिलकर एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत कुल 4 स्पेशल ट्रेनों के जरिए लगभग 5000 मतदाताओं को मुफ्त में कोलकाता पहुंचाया जाएगा। पहली ट्रेन रवाना हो चुकी है, जबकि दूसरी ट्रेन 24 अप्रैल को सूरत से निकलेगी। सभी ट्रेनें सीधे कोलकाता जाएंगी।
‘परिवर्तन यात्रा’ के तहत अभियान
सूरत बंगाली समाज के अग्रणी श्रीकांत राउत के अनुसार, यह पहल “परिवर्तन यात्रा” का हिस्सा है। उनका कहना है कि इस बार पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सूरत से जाने वाले लोग केवल यात्री नहीं, बल्कि “वोट” हैं, जो बदलाव ला सकते हैं।
2.5 लाख बंगाली वोट बैंक पर नजर
सूरत में करीब 2.5 लाख से अधिक बंगाली कामगार रहते हैं, जो डायमंड, ज्वेलरी और टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़े हैं। चुनाव के दौरान महंगे टिकट और भीड़ के कारण ये लोग अक्सर मतदान के लिए अपने गृह राज्य नहीं जा पाते।
इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने यह रणनीति बनाई है, ताकि अधिक से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें। पार्टी को उम्मीद है कि ये मतदाता न सिर्फ खुद वोट करेंगे, बल्कि अपने परिवार और गांवों में भी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाएंगे।






