भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग पर किया मानहानि का केस, 2 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग

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नई दिल्ली/रांची , 29 सितंबर । भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के बीच चल रहा विवाद अब अदालत पहुंच गया है। निशिकांत दुबे ने गर्ग के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में दो करोड़ रुपये का सिविल मानहानि मुकदमा दायर किया है। इसके अलावा उन्होंने पटियाला हाउस कोर्ट में आपराधिक मानहानि की कार्यवाही भी शुरू की है।

पॉडकास्ट में दिए बयान से शुरू हुआ विवाद

यह मामला मुख्य रूप से एक पॉडकास्ट में सुभाष चंद्र गर्ग की ओर से दिए गए बयानों से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक गर्ग ने पॉडकास्ट में निशिकांत दुबे के बारे में कथित तौर पर ‘ब्लैकमेल करने वाला आदमी’ जैसी टिप्पणी की थी।

गर्ग ने यह भी दावा किया था कि निशिकांत दुबे उनके कार्यालय आए थे और एलआईसी के चेयरमैन से जुड़े मामले में सिफारिश लेकर आए थे। उनके मुताबिक, दुबे एलआईसी, तबादलों और कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप चाहते थे। ये आरोप गर्ग के बयान के रूप में सामने आए हैं और मामले में इनकी सत्यता का निर्धारण अदालत की प्रक्रिया का विषय है।

दुबे ने आरोपों को बताया झूठा

निशिकांत दुबे ने गर्ग के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ये दावे झूठे, दुर्भावनापूर्ण और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। इसी आधार पर उन्होंने कानूनी कार्रवाई की है।

दुबे ने इससे पहले गर्ग को कानूनी नोटिस भेजकर बयान वापस लेने और माफी मांगने की मांग की थी। गर्ग ने 26 सितंबर को इस नोटिस का जवाब भेज दिया था।

गर्ग ने नोटिस का जवाब देने की जानकारी दी

सुभाष चंद्र गर्ग ने 27 सितंबर को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर बताया था कि उन्होंने निशिकांत दुबे के मानहानि नोटिस का जवाब दे दिया है।

उन्होंने कहा था कि 26 सितंबर को दुबे के वकील अमित अवस्थी को जवाब भेजा गया और इसे सार्वजनिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया। गर्ग ने अपने जवाब में नोटिस को अनुचित बताते हुए अपने बयानों का बचाव किया है।

जीडीपी के आंकड़ों पर सवाल उठाने के बाद बढ़ा विवाद

दोनों के बीच विवाद इसी महीने उस समय और तेज हुआ, जब सुभाष चंद्र गर्ग ने केंद्र सरकार की ओर से जारी पहली तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर के आंकड़ों पर सवाल उठाए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, गर्ग ने 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर के आधिकारिक आंकड़े की विश्वसनीयता और गणना पद्धति पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे।

इसके बाद निशिकांत दुबे और गर्ग के बीच सोशल मीडिया तथा सार्वजनिक बयानों के माध्यम से विवाद बढ़ता गया।

2018 के पुराने विवाद का भी जिक्र

विवाद के दौरान निशिकांत दुबे ने 2018 में प्रधानमंत्री को लिखे अपने एक पत्र का भी हवाला दिया। उस समय गर्ग आर्थिक मामलों के सचिव थे। दुबे ने उस पत्र में गर्ग की आर्थिक नीतियों और कामकाज के तरीके को लेकर सवाल उठाए थे।

वहीं, गर्ग का पक्ष है कि पॉडकास्ट में उन्होंने अपने अनुभव और घटनाक्रम के आधार पर टिप्पणी की थी तथा उन्होंने दुबे के कानूनी नोटिस का जवाब देकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।

अब अदालत में होगी मामले की सुनवाई

निशिकांत दुबे की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में दो करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग वाला सिविल मानहानि मुकदमा और पटियाला हाउस कोर्ट में आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू किए जाने के बाद विवाद अब न्यायिक प्रक्रिया में है।

फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावे और जवाब पेश कर रहे हैं। पॉडकास्ट में लगाए गए आरोपों की सत्यता और उनसे जुड़े कानूनी दावों पर अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

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