भागलपुर, 01 अप्रैल — रेलवे परिसरों में आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मालदा मंडल के Railway Protection Force (आरपीएफ) द्वारा साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह अभ्यास मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और मंडल सुरक्षा आयुक्त आशिम कुमार कुल्लू के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।
आपात स्थिति का किया गया वास्तविक अनुकरण
मॉक ड्रिल के दौरान विस्फोट जैसी एक काल्पनिक आपात स्थिति तैयार की गई, जिसमें प्लेटफॉर्म संख्या 01 पर एक कोच के पटरी से उतरने की स्थिति दिखाई गई। इस घटना से डाउन लाइन प्रभावित होने का परिदृश्य बनाया गया, ताकि आपातकालीन प्रतिक्रिया की वास्तविकता के करीब अभ्यास किया जा सके।
विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर जोर
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य रेलवे के विभिन्न विभागों के बीच समन्वित प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण और उसे और अधिक प्रभावी बनाना था। मॉक ड्रिल में आरपीएफ पोस्ट साहिबगंज, जीआरपी, वाणिज्य विभाग, एसएसई (सी एंड डब्ल्यू), स्टेशन अधीक्षक, बुकिंग स्टाफ और चिकित्सा विभाग ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन
अभ्यास के दौरान घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार देने और राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित एवं समन्वित तरीके से संचालित करने का प्रदर्शन किया गया। इससे आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता को परखा गया।
यात्रियों को किया गया जागरूक
मॉक ड्रिल के दौरान यात्रियों और स्टेशन पर मौजूद लोगों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया। उन्हें किसी भी लावारिस सामान या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे या सुरक्षा कर्मियों को देने की सलाह दी गई। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
25 आरपीएफ कर्मियों सहित कई अधिकारी शामिल
इस मॉक ड्रिल में 25 आरपीएफ कर्मियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल हुए। सभी ने उत्कृष्ट समन्वय और परिचालन तत्परता का प्रदर्शन किया, जिससे आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को और मजबूती मिली।





