—खरीक के महादेवपुर गांव में भीषण कटाव जारी, इंजीनियरों के बाहर निकलते ही भरभराकर नदी में गिरा पक्का मकान
भागलपुर, 12 अक्टूबर । बिहार के भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड अंतर्गत राघोपुर के महादेवपुर गांव में गंगा नदी का भीषण कटाव लगातार जारी है। इससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। सोमवार को यहां एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कटाव निरोधी कार्यों की निगरानी कर रहे बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों का पक्का मकान अचानक भरभराकर गंगा नदी में समा गया। गनीमत रही कि मकान में मौजूद सभी अधिकारी और इंजीनियर समय रहते बाहर निकल आए और उनकी जान बच गई।
तेज धारा ने मकान के नीचे की जमीन काटी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी और इंजीनियर एक पक्के मकान में बैठकर कटाव निरोधी कार्यों की निगरानी कर रहे थे। इस दौरान वे राहत कार्यों की रणनीति बनाने के साथ मजदूरों को आवश्यक निर्देश भी दे रहे थे।
इसी बीच गंगा की तेज धारा ने मकान के नीचे की जमीन को काट दिया। खतरे को भांपते हुए मकान के अंदर मौजूद अधिकारी और इंजीनियर तुरंत बाहर की ओर भागे। उनके बाहर निकलते ही मकान का बड़ा हिस्सा सीधे गंगा नदी में समा गया। घटना के बाद मौके पर कुछ देर तक अफरा-तफरी और चीख-पुकार मची रही।
कटाव निरोधी कार्यों पर उठे सवाल
इस घटना ने महादेवपुर में गंगा के कटाव की भयावह स्थिति को उजागर कर दिया है। जिस स्थान पर बैठकर विभागीय अधिकारी कटाव निरोधी कार्यों की निगरानी कर रहे थे, वही जमीन नदी की तेज धारा में समा गई।
स्थानीय स्तर पर कटाव रोकने के लिए जियो बैग और अन्य सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद मकान के नदी में समा जाने की घटना से कटाव निरोधी कार्यों की प्रभावशीलता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
दर्जनों घरों पर मंडरा रहा कटाव का खतरा
गंगा के रौद्र रूप से महादेवपुर के ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, गांव के दर्जनों घरों पर कटाव का सीधा खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कटाव की रफ्तार इसी तरह जारी रही, तो उनके खेत, खलिहान और आशियाने भी नदी में समा सकते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कटाव रोकने के लिए किए जा रहे प्रयास पर्याप्त साबित नहीं हो रहे हैं। वे प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग से प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग
महादेवपुर में लगातार हो रहे कटाव ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार की घटना के बाद कटाव प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, ताकि गांव के घरों, खेतों और लोगों की जान-माल की रक्षा की जा सके।






