—नरपतगंज में तस्करी के आरोपितों को पकड़ने पहुंची थी एसटीएफ टीम, भीड़ पर हथियार छीनने की कोशिश और एसआई का मोबाइल छीनने का आरोप
अररिया, 12 अक्टूबर । बिहार के अररिया जिले के नरपतगंज थाना क्षेत्र में रविवार को एसटीएफ टीम पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने 29 नामजद और 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में अब तक छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर एक देसी कट्टा और पांच खाली कारतूस बरामद किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी जितेंद्र कुमार ने फारबिसगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है।
एसटीएफ के सब इंस्पेक्टर के बयान पर दर्ज हुआ मामला
एसटीएफ के सब इंस्पेक्टर अमितेश कुमार भारद्वाज के लिखित बयान पर नरपतगंज थाना कांड संख्या 646/2026 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 27 लगाई गई है।
प्राथमिकी के अनुसार, आरोपितों पर एसटीएफ टीम के साथ मारपीट, फायरिंग और जानलेवा हमला करने का आरोप है। इसमें यह भी कहा गया है कि हमले के दौरान भीड़ ने पुलिसकर्मियों के हथियार छीनने की कोशिश की और सब इंस्पेक्टर का मोबाइल छीन लिया। आरोप है कि हमलावरों ने लोहे की रॉड से सब इंस्पेक्टर और दो अन्य जवानों के सिर पर हमला किया, जिससे वे घायल हो गए।
स्मैक की खेप की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची थी टीम
प्राथमिकी में बताया गया है कि एसटीएफ को पश्चिम बंगाल के मालदा से एक किलोग्राम स्मैक की खेप आने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर टीम ने आरएस थाना क्षेत्र में हड़ियाबाड़ा एनएच-27 टोल प्लाजा के पास सफेद रंग की टोयोटा ग्लैंजा कार (बीआर 38 एएल 6374) को पकड़ा। कार से अनिल साह और दयानंद साह को कथित तौर पर स्मैक के साथ पकड़ा गया था।
पूछताछ के दौरान दयानंद साह ने मालदा से आने की बात बताई और रंजीत साह के भी साथ होने की जानकारी दी। उसने बताया कि रंजीत पूर्णिया मोड़ और दालकोला के पास उतर गया था। इसके बाद एसटीएफ को स्मैक की बड़ी खेप दूसरे वाहन से ग्रामीण रास्ते के जरिए लाए जाने की जानकारी मिली।
मुखिया पति पर भीड़ बुलाने का आरोप
प्राथमिकी के मुताबिक, एसटीएफ टीम ने वरीय अधिकारियों और स्थानीय थाना पुलिस को सूचना दी और एनएच-27 पर पलार के पास मौजूद थी। इसी दौरान खैरा चंदा की मुखिया नूरजहां के पति मो. फारूक आलम बुलेट मोटरसाइकिल (बीआर 38 एम 3441) से वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने अनिल साह और दयानंद साह की गिरफ्तारी को लेकर पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज की और मोबाइल से भीड़ को बुलाया।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और ईंट-पत्थर से एसटीएफ टीम पर हमला किया गया। इस दौरान एसटीएफ और तस्करी के आरोपितों की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। आरोप है कि भीड़ अनिल साह को अपने साथ ले गई और पुलिसकर्मियों के हथियार छीनने की कोशिश की।
आत्मरक्षा में चार राउंड फायरिंग का जिक्र
दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि आरोपितों की ओर से कथित फायरिंग और जानलेवा हमले के बाद एसटीएफ ने आत्मरक्षा में चार राउंड गोली चलाई। घटना के दौरान कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात भी सामने आई है। पुलिस मामले में दर्ज आरोपों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
छह आरोपित गिरफ्तार, हथियार और खोखे बरामद
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने देवीगंज वार्ड संख्या 13 के दयानंद साह, गढ़िया वार्ड संख्या 13 के राजकुमार साह और पलार वार्ड संख्या 14 के जुल्फिकार को गिरफ्तार किया। इसके बाद खैरा गढ़िया के मो. तनवीर, वसीम आलम और मो. सलमान को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर एक देसी कट्टा और अलग-अलग आकार के पांच खाली कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हथियार के संबंध में अलग से मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
एसआईटी करेगी जांच, अन्य आरोपितों की तलाश जारी
एसपी जितेंद्र कुमार ने सोमवार शाम नरपतगंज थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में छह गिरफ्तारियों और बरामदगी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए फारबिसगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है।
एसपी के अनुसार, अन्य नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अज्ञात लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।






