बिहार: पीड़ित पिता पहुंचे डीजीपी ऑफिस, नाबालिग के अपहरण एवं यौन उत्पीड़न मामले में संरक्षण देने का आरोप

Share

दरभंगा। बिहार में दरभंगा जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत हाटगाछी गांव में नाबालिग बालिका के अपहरण एवं यौन उत्पीड़न के सनसनीखेज मामले में पीड़ित पिता राजकुमार भगत न्याय की तलाश में अब राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के दरबार तक पहुंच गए हैं। पटना में उन्होंने डीजीपी से मुलाकात कर लिखित आवेदन सौंपते हुए अपनी बेटी को न्याय दिलाने की गुहार लगाई।

इससे पूर्व पीड़ित पिता दरभंगा ग्रामीण एसपी और डीआईजी कार्यालय में भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद न तो मुख्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई और न ही मामले में कोई ठोस प्रगति दिखाई दी। पीड़ित का आरोप है कि अलीनगर थाना कांड संख्या 247/25 में दर्ज इस मामले में पुलिस प्रशासन की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध रही है।

राजकुमार भगत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक कद्दावर राजनीतिक नेता के दबाव में पुलिस के आला अधिकारी कार्रवाई से बचते रहे हैं और नाबालिग बालिका के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के आरोपियों को खुलेआम संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन आरोपियों पर पोक्सो एक्ट के तहत सख्त और त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए थी, वही आज भी कानून की पकड़ से बाहर घूम रहे हैं।

पीड़ित पिता ने यह भी कहा कि जिस विधानसभा क्षेत्र को राजनीतिक रूप से “सीतानगर” बनाने की बातें की जा रही हैं, उसी क्षेत्र में नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म, कथित धर्म-परिवर्तन का दबाव और केस वापस न लेने पर धमकी जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

पांच बेटियों के पिता राजकुमार भगत ने भावुक होते हुए बताया कि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर हैं, जबकि अभियुक्त पक्ष प्रभावशाली और दबंग प्रवृत्ति का है। लगातार मिल रही धमकियों, सामाजिक दबाव और प्रशासनिक उदासीनता के कारण पूरा परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है। उन्होंने यहां तक कहा कि हालात ऐसे बन गए हैं कि उन्हें पलायन तक का विचार करना पड़ रहा है।

पीड़ित पिता ने डीजीपी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, नाबालिग बालिका की पुनः मेडिकल एवं काउंसलिंग कराई जाए, दोषी पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच हो तथा पोक्सो एक्ट के तहत सभी अभियुक्तों को अविलंब गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाए, ताकि न्याय व्यवस्था पर आम लोगों का भरोसा बना रह सके।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031