बांका : बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने बांका जिला के बेलहर के अनुसूचित जनजाति बहुल गांव पहुंचकर पीड़िता को न्याय दिलाकर यह संदेश दे दिया है कि आयोग की पहुंच हरेक पीड़िता तक है. चाहे वह कितना भी सुदूर क्यों न हो.
दरअसल यह मामला एक पति और उसके दो पत्नी के बीच कई महीनों से उलझा हुआ था. पति दो शादी करके पहली पत्नी के साथ नहीं रहकर दूसरे के साथ रहने लगा साथ ही सरकारी नौकरी से मिलने वाले समस्त हक से भी उसे वंचित कर दिया. इतना ही नहीं पति दूसरी पत्नी के घर पर ही रिटायरमेंट के बाद घर बनाकर रहने लगा. इधर पहली पत्नी बेघर होने के बाद ससुराल में रहकर किसी तरह से अपने तीन बच्चों के साथ जीवन बसर कर रही थी. इसी बीच उसे आयोग के संबंध में जानकारी मिली और न्याय की आस में दर दर भटकने के पश्चात महिला आयोग में आवेदन दी. आयोग ने भी मामले की गम्भीरता को देखते हुए स्थल निरीक्षण करने का निर्णय लिया.
राज्य महिला आयोग की सदस्य शीला टुड्डू के साथ टीम गठित कर आदिवासी बहुल गांव में जाकर तीनों पक्षों को एक साथ बैठाया और न्यायसंगत फैसला कर सभी पक्षों से कागज़ी प्रक्रिया कर मंजूरी भी ले लिया. पीड़िता. ने आयोग के फैसले एवं न्याय पर खुशी प्रकट किया.





