बिहार की 11वीं की छात्रा ने CJI सूर्यकांत को बांधी खुद बनाई राखी, लिया ऑटोग्राफ; सुप्रीम कोर्ट में 20 बच्चों संग मनाया रक्षाबंधन

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नई दिल्ली, 25 अगस्त। बिहार के सीवान जिले की रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा रागिनी ओझा ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को अपने हाथों से बनाई राखी बांधी। छात्रा के स्नेह और आत्मीय भाव से प्रभावित होकर CJI ने सर्वोच्च न्यायालय के जजेज लाउंज में 20 स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाया और उनसे संवाद किया।

खुद बनाई राखी लेकर पहुंची छात्रा

रागिनी ओझा मूल रूप से सीवान के जीरादेई गांव की रहने वाली हैं। वह फिलहाल दिल्ली के पश्चिम विनोद नगर स्थित राजकीय सर्वोदय कन्या विद्यालय में 11वीं कक्षा में विज्ञान की पढ़ाई कर रही हैं।

रागिनी पहली बार सुप्रीम कोर्ट परिसर पहुंचीं। उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर CJI सूर्यकांत को अपने हाथों से बनाई राखी बांधने की इच्छा जताई थी। छात्रा के इस भाव से प्रभावित होकर CJI ने सुप्रीम कोर्ट के जजेज लाउंज में विशेष रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया।

राखी बांधने के बाद लिया ऑटोग्राफ

रागिनी ने CJI सूर्यकांत को राखी बांधने के बाद उनका ऑटोग्राफ भी लिया। छात्रा ने कहा कि वह इस हस्ताक्षर को जीवनभर एक अमूल्य स्मृति के तौर पर संभालकर रखना चाहती हैं।

कार्यक्रम के दौरान CJI ने करीब 20 स्कूली बच्चों से बातचीत की और उनके साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। कार्यक्रम के बाद सभी विद्यार्थियों के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई।

‘ऐसा लगा जैसे सपना देख रही हूं’

सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के अनुभव को साझा करते हुए रागिनी ने कहा कि परिसर में प्रवेश करने का हर पल उनके लिए अविस्मरणीय रहा। उन्होंने बताया कि सुरक्षा जांच और एस्कॉर्ट वाहन के साथ परिसर में प्रवेश के दौरान मिले सम्मान और गरिमा को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

रागिनी ने कहा कि उस समय उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था जैसे वह कोई सपना देख रही हों। उन्होंने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट से सिर्फ CJI को राखी बांधकर नहीं लौटीं, बल्कि जीवनभर प्रेरणा देने वाली सीख और अनमोल यादें भी साथ लेकर आई हैं।

छात्रा ने इस विशेष अवसर के लिए CJI सूर्यकांत के प्रति आभार व्यक्त किया।

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