रांची, 10 अप्रैल। Jharkhand Police Headquarters ने पुलिस कार्यालयों से संदिग्ध वित्तीय निकासी के मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों और इकाइयों को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
प्रधान महालेखाकार की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई
यह निर्देश Principal Accountant General की रिपोर्ट में बोकारो पुलिस कार्यालय से वेतन मद में अनियमित भुगतान उजागर होने के बाद जारी किया गया है।
सभी जिलों को भेजा गया निर्देश
मुख्यालय की ओर से रांची, जमशेदपुर और धनबाद के एसएसपी, सभी जिलों के एसपी, रेंज डीआईजी, जोनल आईजी और विभिन्न पुलिस इकाइयों को पत्र भेजकर अपने-अपने कार्यालयों में वित्तीय निकासी की जांच करने को कहा गया है।
करोड़ों की संदिग्ध निकासी उजागर
जानकारी के अनुसार, बोकारो एसपी कार्यालय से मई 2024 से दिसंबर 2025 के बीच वेतन मद में करीब 3.15 करोड़ रुपये का भुगतान संदिग्ध पाया गया है।
वहीं हजारीबाग एसपी कार्यालय से पिछले आठ वर्षों में 15.41 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमित निकासी सामने आई है।
फर्जी भुगतान के संकेत
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ मामलों में सेवानिवृत्त या गैर-कार्यरत व्यक्तियों को वेतन का भुगतान किया गया। कई जगह बिना अभिलेखों के मिलान के ही भुगतान कर दिया गया।
जीपीएफ में छेड़छाड़ का मामला
बोकारो मामले में एक सेवानिवृत्त व्यक्ति के जीपीएफ विवरण में जन्मतिथि बदलकर उसे कार्यरत दिखाते हुए भुगतान करने का मामला भी सामने आया है, जो गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है।
अधिक भुगतान और अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में
जांच में यह भी पाया गया कि कई मामलों में स्वीकृत वेतन से अधिक राशि का भुगतान किया गया। इस पूरे प्रकरण में लिपिकीय कर्मचारियों से लेकर वरीय अधिकारियों तक की भूमिका की जांच की जा रही है।
अन्य जिलों में भी गड़बड़ी की आशंका
पुलिस मुख्यालय को आशंका है कि इसी तरह की अनियमितताएं अन्य जिलों में भी हो सकती हैं। सभी इकाइयों से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।






