रांची, 25 सितंबर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड प्रदेश इकाई ने शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती मनाई। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा कार्यालय और पंडित दीनदयाल नगर स्थित उनकी प्रतिमा पर पार्टी नेताओं ने माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके विचारों और आदर्शों को याद किया। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी दोहराया।
प्रदेश कार्यालय और दीनदयाल नगर में श्रद्धांजलि
प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं, दीनदयाल नगर स्थित उनकी प्रतिमा पर आदित्य साहू, बाबूलाल मरांडी समेत अन्य नेताओं ने माल्यार्पण किया।
कार्यक्रम में पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आदित्य साहू ने अंत्योदय के विचार को किया याद
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय समाज के गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के लिए समर्पित रहे। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय विकास के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के विकास और उन्नति के लिए प्रयासरत रहे।
आदित्य साहू ने कहा कि देश की बागडोर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में है और उनके अनुसार केंद्र सरकार दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को धरातल पर उतारने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीबों के आंसू पोंछने का काम कर रहे हैं और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ विकास के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब, शोषित और वंचित वर्ग तक पहुंच रहा है।
बाबूलाल मरांडी ने राष्ट्रसेवा के विचारों को किया याद
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राष्ट्र प्रथम के आदर्शों और उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने वाले दीनदयाल उपाध्याय का पूरा जीवन त्याग, तपस्या और सेवा भाव से भरा रहा।
उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय के प्रणेता तथा वसुधैव कुटुम्बकम और एकात्म मानववाद के विचार को आगे बढ़ाने वाले महान विचारक थे। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान का उनका संकल्प जनसेवा और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरणा देता रहेगा।
कर्मवीर सिंह ने जीवन और संघर्ष को किया याद
संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय दृढ़ इच्छाशक्ति वाले व्यक्ति थे। बचपन में माता-पिता का निधन होने के बावजूद उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपना मार्ग नहीं छोड़ा।
उन्होंने कहा कि 1937 में संघ से जुड़ने के बाद दीनदयाल उपाध्याय ने अपना जीवन राष्ट्रसेवा को समर्पित कर दिया। उन्होंने ‘राष्ट्रधर्म’ और ‘पांचजन्य’ जैसी पत्रिकाओं के माध्यम से लोगों में राष्ट्रभावना जगाने का काम किया।
कर्मवीर सिंह ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय जातिवाद की संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठकर समाज को देखने वाले विचारक थे। उनके अनुसार, उनके बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, बालमुकुंद सहाय, महामंत्री गणेश मिश्रा, मनोज सिंह, अमर कुमार बाउरी, रांची विधायक सीपी सिंह, प्रदेश मंत्री सरोज सिंह, अमरदीप यादव, सुनीता सिंह, शालिनी बैसिखियार, कार्यालय मंत्री हेमंत दास, मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव, उपमेयर नीरज कुमार, वरुण साहू, सुनील साहू, निशि जायसवाल, अमरनाथ चौधरी, राजेंद्र शाही मुंडा, रोमित नारायण, राकेश चौधरी सहित पार्टी के अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






