नालंदा, बिहारशरीफ। जिला मुख्यालय स्थित हरदेव भवन सभागार में बुधवार को जिला पदाधिकारी नालंदा की अध्यक्षता में केन्द्रीय पुस्तकालय बिहारशरीफ के प्रबंध कार्यकारिणी समिति की समीक्षात्मक बैठक की गई।
बैठक में स्मार्ट सिटी अंतर्गत निर्मित केंद्रीय पुस्तकालय जी+4 भवन के सुचारु संचालन व आधुनिकीकरण तथा पाठकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा पुस्तकालय की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि केन्द्रीय पुस्तकालय नालंदा जिले की शैक्षणिक और बौद्धिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है जिसे आधुनिक तकनीक से जोड़कर छात्रों प्रतियोगी परीक्षार्थियों एवं आम पाठकों के लिए और अधिक उपयोगी बनाया जायेगा।पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों के संग्रह को अद्यतन करने, डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा विकसित करने, पठन कक्ष की व्यवस्था सुदृढ़ करने, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा नियमित रखरखाव से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया गया साथ ही पुस्तकालय में पाठकों की संख्या बढ़ाने के लिए विभिन्न शैक्षणिक एवं साहित्यिक गतिविधियों के आयोजन पर भी चर्चा की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं में अध्ययन की संस्कृति को बढ़ावा देने में पुस्तकालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।समीक्षा के क्रम में केन्द्रीय पुस्तकालय, बिहारशरीफ के संचालन एवं रख-रखाव पर प्रतिमाह लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये का व्यय होने के संभावना व्यक्त किया गया।
वहीं शिक्षा विभाग से वार्षिक आवंटन मात्र 40 हजार रुपये का ही प्राप्त होने के स्थिति में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि केन्द्रीय पुस्तकालय को नगर निगम बिहारशरीफ को हस्तांतरित कर दिया जाय ताकि नगर निगम द्वारा पुस्तकालय के रख-रखाव, संचालन तथा आवश्यक सुविधाओं के प्रबंधन की जिम्मेदारी बेहतर ढंग से निभाई जा सके जिससे पाठकों एवं विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें। साथ ही जिला पदाधिकारी द्वारा पुस्तकालय का संचालन जल्द ही प्रारंभ करने हेतु निदेशित भी किया गया है। इस अवसर पर नगर आयुक्त, नगर निगम, बिहारशरीफ, उप विकास आयुक्त, विशेष कार्य पदाधिकारी, गोपनीय शाखा, जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्रीमती अनीता देवी , मेयर ,बिहारशरीफ ,प्रबंध कार्यकारिणी समिति के सदस्य उपस्थित थे।





