नई दिल्ली। मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ के क्रियान्वयन को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग दोहराई है। उन्होंने इस संबंध में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू को पत्र लिखा है।
विपक्षी सांसदों का समर्थन
खरगे के इस पत्र पर संजय सिंह, रामगोपाल यादव समेत 10 से अधिक विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिससे इस मुद्दे पर विपक्ष की एकजुटता सामने आई है।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बैठक की मांग
खरगे ने पत्र में लिखा कि उन्होंने 16 मार्च को भी सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया था। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में जल्द बैठक कर इस कानून के लागू करने के तरीके और रोडमैप पर चर्चा की जाए।
सरकार से स्पष्ट प्रस्ताव लाने की अपील
खरगे ने कहा कि बैठक से पहले सरकार को एक विस्तृत नोट जारी करना चाहिए, जिसमें प्रस्तावित बदलावों और क्रियान्वयन की योजना को स्पष्ट किया जाए, ताकि चर्चा सार्थक हो सके।
29 अप्रैल के बाद बैठक का सुझाव
उन्होंने सुझाव दिया कि विधानसभा चुनावों का वर्तमान दौर समाप्त होने के बाद 29 अप्रैल को बैठक आयोजित की जा सकती है।
सरकार का पक्ष
इससे पहले किरण रिजिजू ने कहा था कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला ऐतिहासिक कदम है और इसके लिए व्यापक सहमति आवश्यक है।
विपक्ष का आरोप
खरगे ने यह भी कहा कि यह कानून सितंबर 2023 में बिना पर्याप्त सहमति के पारित किया गया था और अब सरकार इसके क्रियान्वयन पर चर्चा करना चाहती है, इसलिए सभी दलों को साथ लेकर आगे बढ़ना जरूरी है।





