रामगढ़, 08 अक्टूबर । झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का गुरुवार को उनके पैतृक गांव नेमरा स्थित श्मशान घाट पर पूरे पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां को मुखाग्नि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री भावुक नजर आए और श्मशान घाट सहित पूरे नेमरा गांव का माहौल गमगीन रहा।
नम आंखों से मां को अंतिम विदाई
रूपी सोरेन को अंतिम विदाई देने के लिए नेमरा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, समर्थक, राजनीतिक नेता और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। दूर-दराज के इलाकों से भी लोग अंतिम दर्शन के लिए गांव पहुंचे। शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और नम आंखों से रूपी सोरेन को अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्यों और समर्थकों के बीच शोक का माहौल रहा। गांव में जगह-जगह लोगों की भीड़ जुटी रही और लोग रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचते रहे।
नेमरा में उमड़ा जनसैलाब
रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा उनके पैतृक गांव नेमरा से श्मशान घाट तक पहुंची। शव यात्रा के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक चलते रहे। अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने भावुक होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
श्मशान घाट और उसके आसपास प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा एवं व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी भी रही।
7 अक्टूबर को रांची में हुआ था निधन
रूपी सोरेन का निधन 7 अक्टूबर को रांची के हिल व्यू अस्पताल में हुआ था। वह पिछले कई दिनों से बीमार चल रही थीं। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी।
रूपी सोरेन झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पत्नी तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां थीं। झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में सोरेन परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक
रूपी सोरेन के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने शोक व्यक्त किया। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके निधन पर परिवार के प्रति संवेदना जताई और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी।
अंतिम संस्कार के दौरान भी बड़ी संख्या में लोग नेमरा पहुंचे और सोरेन परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
पारंपरिक रीति-रिवाज से हुआ अंतिम संस्कार
पैतृक गांव नेमरा के श्मशान घाट पर रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मां को मुखाग्नि दी। इसके साथ ही रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा पूरी हुई और परिवार, ग्रामीणों तथा समर्थकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
नेमरा में देर तक शोक और भावुकता का माहौल बना रहा। लोगों ने रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देते हुए उनके निधन को परिवार और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया।






