दीप्ति शर्मा का संदेश – लड़कियों को प्रेरित करना है, ताकि अगली पीढ़ी आगे बढ़े

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नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने खेलों में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए अधिक प्रोत्साहन और समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका कहना है कि महिला खिलाड़ियों की बढ़ती पहचान और उपलब्धियां देश में लोगों की सोच बदलने में मदद कर रही हैं।

दीप्ति शर्मा ने यह बात शनिवार को बीबीसी और कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से खेलों में महिलाओं की भागीदारी पर जारी एक रिपोर्ट के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि महिला खिलाड़ियों को सामने लाने और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने वाली पहलें अगली पीढ़ी को प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाती हैं।

दीप्ति शर्मा ने कहा, “अब तक का सफर अच्छा रहा है। मैंने देखा है कि भारत और दुनिया भर में कई महिलाओं को ऐसी पहलों के जरिए समर्थन मिल रहा है। यह देखकर अच्छा लगता है कि इतने सारे पुरस्कार विजेता भारत से आए हैं।”

रिपोर्ट के अनुसार सर्वेक्षण में शामिल 14 भारतीय राज्यों में 2020 के बाद से क्रिकेट में महिलाओं की भागीदारी दोगुनी हो गई है। यह आंकड़ा पांच प्रतिशत से बढ़कर 10 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वहीं 15 से 24 वर्ष की युवतियों के बीच यह भागीदारी छह प्रतिशत से बढ़कर 16 प्रतिशत हो गई है।

यह अध्ययन दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच कांतार द्वारा 10 हजार से अधिक लोगों पर किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। इसमें यह भी सामने आया कि अब 26 प्रतिशत युवतियां खेल को करियर के रूप में अपनाने पर विचार कर रही हैं, जबकि 2020 में यह आंकड़ा 16 प्रतिशत था।

दीप्ति शर्मा ने कहा कि महिला क्रिकेट और अन्य खेलों में बढ़ती सफलता और लोकप्रियता से अधिक लड़कियां खेलों में करियर बनाने का सपना देख रही हैं। उन्होंने कहा, “विश्व कप के बाद लोगों की सोच में काफी बदलाव आया है। अब चाहे छोटी बच्ची हो या बड़ी, कई लोग क्रिकेटर बनने या खेलों में हिस्सा लेने का सपना देख रहे हैं।”

ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों की जिम्मेदारी है कि वे अगली पीढ़ी को प्रेरित करें। उन्होंने कहा, “मैं भी ज्यादा से ज्यादा युवा लड़कियों और अगली पीढ़ी को प्रेरित और सहयोग देना चाहती हूं, ताकि उन्हें अधिक प्रोत्साहन मिले और वे खेलों में बेहतर भविष्य देख सकें।”

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि महिला खेलों को देखने वाले दर्शकों की संख्या बढ़ रही है। सर्वेक्षण में 51 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्होंने पिछले छह महीनों में महिला खेलों की कवरेज देखी है। महिला क्रिकेट प्रतियोगिताओं की दर्शक संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

वहीं राज्यसभा सांसद और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस शोध को महिला खिलाड़ियों को पहचान और प्रोत्साहन देने की दिशा में सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा, “यह एक शानदार पहल है। बीबीसी ने हमेशा क्रिकेट ही नहीं, बल्कि विभिन्न खेलों में महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया है।”

उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम और पुरस्कार महिला खिलाड़ियों को सम्मान और पहचान दिलाने में मदद करते हैं तथा इस तरह के अध्ययन से लोगों की सोच को समझने और महिला खेलों पर चर्चा को बढ़ावा देने में सहायता मिलती है।

हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं, समय की कमी और महिला खेलों से जुड़े सामाजिक रूढ़िवाद जैसे अवरोध अभी भी मौजूद हैं। ऐसे में महिलाओं को खेलों में आगे बढ़ाने और उन्हें अधिक अवसर देने के लिए लगातार प्रयास जारी रखने की जरूरत है।

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