रांची: झारखंड में ट्रेजरी से वेतन के नाम पर हुई अवैध निकासी के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। मुख्यमंत्री Hemant Soren ने इस बहुचर्चित घोटाले की जांच Criminal Investigation Department (CID) से कराने की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद मामले की गहन आपराधिक जांच का रास्ता साफ हो गया है।
प्रमुख बिंदु
- ट्रेजरी घोटाले की CID जांच को मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति।
- अवैध निकासी की जांच के लिए जल्द गठित होगी विशेष जांच टीम (SIT)।
- प्रशासनिक चूक की अलग से जांच, वरीय आईएएस अधिकारी करेंगे नेतृत्व।
जल्द गठित होगी SIT
राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से आदेश CID तक पहुंचते ही विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाएगा। इसकी अधिसूचना सोमवार को जारी होने की संभावना है। इसके बाद CID आपराधिक षड्यंत्र और वित्तीय अनियमितताओं के विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू करेगी।
प्रशासनिक लापरवाही की भी होगी जांच
इस प्रकरण में केवल आपराधिक पहलुओं ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक चूक की भी जांच की जाएगी। इसके लिए किसी वरीय आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में अलग से जांच कराई जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में आदेश मुख्य सचिव स्तर से जारी हो सकता है।
वित्त मंत्री की अनुशंसा पर फैसला
राज्य के वित्त मंत्री Radha Krishna Kishore ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री से CID जांच की अनुशंसा की थी, जिसे मंजूरी मिल गई है।
कई जिलों में फैला हो सकता है घोटाला
प्रारंभिक जांच में Bokaro और Hazaribagh जिलों में ट्रेजरी से वेतन के नाम पर अवैध निकासी के मामले सामने आए हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह घोटाला राज्य के अन्य जिलों तक भी फैला हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम पर वेतन निकासी का खेल एक जिले से शुरू होकर कई जिलों तक पहुंचा। CID की जांच के दौरान पूरे राज्य के ट्रेजरी रिकॉर्ड की पड़ताल की जा सकती है।
गृह विभाग जारी करेगा अधिसूचना
विशेष जांच दल का गठन CID के वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में किया जाएगा। गृह विभाग से अधिसूचना जारी होने के बाद जांच टीम संबंधित जिलों में जाकर दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल करेगी। CID जांच की मंजूरी के साथ ही झारखंड के इस बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले में बड़े खुलासों की उम्मीद बढ़ गई है। जांच के दायरे में कई अधिकारी और कर्मचारी आ सकते हैं, जिससे प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था में व्यापक सुधार की संभावना है।






