रांची, 29 सितंबर । झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के बीच कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या में असामान्य वृद्धि को लेकर भाजपा ने चुनाव आयोग से जांच की मांग की है। पार्टी का दावा है कि गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट और महागामा विधानसभा क्षेत्रों के कुछ मतदान केंद्रों पर एक ही पते पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम दर्ज हैं।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने चुनाव आयोग को पत्र सौंपकर ऐसे मामलों में भौतिक और अभिलेखीय सत्यापन कराने की मांग की है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी ने एक मकान में 126 मतदाता और दूसरे मकान में 69 मतदाताओं के नाम दर्ज होने का मुद्दा उठाया है।
17 मकानों में 793 मतदाताओं का दावा
भाजपा की ओर से चुनाव आयोग के समक्ष रखी गई आपत्तियों में पोड़ैयाहाट विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र का भी उल्लेख किया गया है। पार्टी के अनुसार, यहां केवल 17 मकानों में 793 मतदाताओं के नाम दर्ज होने की बात सामने आई है।
इसी मतदान केंद्र के एक मकान में 126 मतदाताओं के नाम दर्ज होने का दावा किया गया है। भाजपा ने इसे जांच का विषय बताते हुए संबंधित मतदाताओं और उनके पते का सत्यापन कराने का आग्रह किया है।
महागामा में 32 घरों में 842 वोटर का दावा
भाजपा ने महागामा विधानसभा क्षेत्र के कुछ मतदान केंद्रों पर भी इसी तरह की विसंगतियों का दावा किया है। पार्टी के अनुसार, एक मकान में 69 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं।
इसके अलावा एक अन्य बूथ के 32 मकानों में 842 मतदाताओं के नाम दर्ज होने की बात कही गई है। भाजपा ने इन आंकड़ों की भी नियमानुसार जांच और सत्यापन की मांग की है।
भाजपा ने सौंपे आपत्तियों वाले मतदान केंद्रों की सूची
भाजपा नेता राकेश प्रसाद ने चुनाव आयोग को आपत्तियों से संबंधित मतदान केंद्रों की सूची सौंपने की बात कही है। पार्टी का कहना है कि संबंधित मकानों और मतदाताओं का भौतिक सत्यापन कराने के साथ उनके दस्तावेजों और उपलब्ध अभिलेखों की भी जांच होनी चाहिए।
भाजपा के मुताबिक, इस प्रक्रिया से यह स्पष्ट हो सकेगा कि मतदाता सूची में दर्ज नाम और पते वास्तविक हैं या नहीं तथा कहीं डुप्लीकेट या अपात्र प्रविष्टियां तो नहीं हैं।
किसी पात्र मतदाता का नाम नहीं छूटे : भाजपा
भाजपा ने कहा है कि मतदाता सूची को तैयार करते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम नहीं छूटे। साथ ही पार्टी ने यह भी कहा कि किसी अपात्र या गैर-भारतीय व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो, इसके लिए नियमों के अनुसार सत्यापन जरूरी है।
यह मांग ऐसे समय उठाई गई है जब झारखंड में SIR के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित है।
नए मतदाताओं के पंजीकरण का भी मुद्दा उठा
भाजपा ने मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया का मुद्दा भी बैठक में उठाया। राकेश प्रसाद ने कहा कि फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं के नाम अपेक्षाकृत कम संख्या में जुड़ रहे हैं।
उन्होंने चुनाव आयोग से नए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया, ताकि पात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिल सके।
एसआईआर की प्रक्रिया में दावे-आपत्तियों का दौर जारी
झारखंड में चल रहे SIR-2026 के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने, आपत्ति दर्ज कराने और विवरण में सुधार की प्रक्रिया चल रही है। चुनाव आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक में SIR की प्रगति और मतदाता सूची से जुड़ी विसंगतियों पर भी चर्चा हुई।
सत्यापन के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
126 और 69 मतदाताओं वाले मकानों तथा अन्य बूथों को लेकर फिलहाल भाजपा ने शिकायत और जांच की मांग की है। इन दावों की वास्तविक स्थिति संबंधित मतदाताओं, पते और दस्तावेजों के आधिकारिक सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगी। चुनाव आयोग की प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।






