रांची, 12 अप्रैल: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के मामले में रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में प्रशांत कुमार, मंजूनाथ भजंत्री और राकेश रंजन ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर जानकारी दी।
पेपर लीक का ठोस प्रमाण नहीं, जांच जारी
अधिकारियों ने बताया कि अब तक पेपर लीक का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन संगठित सोल्वर और पेपर लीक गिरोह के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
बिहार-झारखंड के अभ्यर्थी शामिल
गिरफ्तार 159 अभ्यर्थियों में प्रमुख रूप से बिहार और झारखंड के लोग शामिल हैं। इनमें पटना के विकास कुमार, जहानाबाद के अतुल वत्स और रामगढ़ जिले के कई अभ्यर्थी शामिल हैं।
प्रश्नपत्र के चार सेट बरामद
आरोपितों के पास चार अलग-अलग सेट के प्रश्नपत्र मिले, जिनमें से केवल चार सवाल ही वास्तविक परीक्षा से मेल खाते पाए गए। 120 प्रश्नों में सिर्फ चार के मिलान से पेपर लीक की पुष्टि नहीं की जा सकती।
अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पांच मुख्य आरोपितों की पहचान की गई है, जिनमें सरगना अतुल वत्स शामिल है। यह गिरोह लंबे समय से विभिन्न परीक्षाओं में धांधली कराने में सक्रिय रहा है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
11 अप्रैल को मिली सूचना के आधार पर तमाड़ थाना क्षेत्र में एक अर्द्धनिर्मित भवन में छापेमारी की गई, जहां 150 से अधिक अभ्यर्थी संदिग्ध स्थिति में पाए गए।
छापेमारी में बड़ा खुलासा
पुलिस को मौके से प्रिंटर, प्रश्न-उत्तर सेट, फटे एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और बैंक चेक बरामद हुए। कुल 164 लोगों में 159 अभ्यर्थी (7 महिलाएं) और 5 गैंग सदस्य शामिल थे।
10 से 15 लाख तक वसूली
जांच में सामने आया कि गिरोह अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख रुपये लेकर संभावित प्रश्न और उत्तर रटवा रहा था। कई अभ्यर्थियों ने अपने मोबाइल, एडमिट कार्ड और बैंक चेक भी गिरोह को सौंप दिए थे।
कई चर्चित मामलों से जुड़ा सरगना
पुलिस के अनुसार अतुल वत्स पहले भी राजस्थान क्लर्क भर्ती, नीट पेपर लीक 2024 और यूपी सिपाही भर्ती जैसे मामलों में संलिप्त रहा है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
तमाड़ थाना कांड संख्या-21/26 के तहत मामला दर्ज कर सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आठ वाहनों को भी जब्त किया है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
प्रशासन का सख्त संदेश
पुलिस और प्रशासन ने साफ कहा है कि परीक्षा की पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।






