झारखंड कैबिनेट के 62 प्रस्तावों पर मुहर, रांची में 284 करोड़ से बनेगी मेडिको सिटी; जमशेदपुर को मिलेगा 500 बेड का नया अस्पताल

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—एमजीएम मेडिकल कॉलेज में 500 बेड का नया अस्पताल, 263 प्रखंडों में लगेंगे 7,890 चापाकल; दुकानों में प्रतिदिन काम की सीमा 9 से बढ़ाकर 10 घंटे

रांची। झारखंड सरकार ने कैबिनेट की बैठक में विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े 62 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। बैठक में रांची में मेडिको सिटी के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने, जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 बेड का अस्पताल बनाने और राज्य के 263 प्रखंडों में 7,890 नए चापाकल लगाने समेत कई अहम फैसले लिए गए। कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों, दुकानों में काम के समय और विश्वविद्यालयों में छात्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल ने फैसलों की जानकारी दी।

रांची में 284 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनेगी मेडिको सिटी

राजधानी रांची में रिनपास के पास प्रस्तावित झारखंड मेडिको सिटी के लिए सड़क, नाली और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए कैबिनेट ने 284 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की राशि मंजूर की है। मेडिको सिटी के विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में कुल 5,000 से 6,000 बेड की क्षमता विकसित करने की योजना है।

वहीं, जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 बेड का नया अस्पताल बनाया जाएगा। इसके निर्माण के लिए 545 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की संशोधित राशि को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की उम्मीद है।

विश्वविद्यालयों में स्वास्थ्य और मानसिक परामर्श की सुविधा

सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और कल्याण को लेकर विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत संस्थानों को अपने कुल बजट का दो प्रतिशत हिस्सा स्वास्थ्य और वेल-बीइंग सेवाओं पर खर्च करना होगा।

विद्यार्थियों को हेल्थ आईडी कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन सहायता और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी काउंसलिंग की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों के समाधान के लिए समिति

राज्य के सरकारी कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों और सेवा शर्तों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। समिति एसीपी और एमएसीपी से जुड़े मामलों की भी समीक्षा करेगी।

इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की निजी खर्च पर विदेश यात्रा से संबंधित नियमों को आसान बनाने का फैसला लिया गया है। अब अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारी और अधिकारी निर्धारित सक्षम प्राधिकार से अनुमति प्राप्त कर सकेंगे।

दुकानों में अब प्रतिदिन 10 घंटे काम की सीमा

कैबिनेट ने झारखंड दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम, 1953 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत दुकानों और प्रतिष्ठानों में प्रतिदिन काम करने की सीमा नौ घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे करने का प्रावधान है। हालांकि, सप्ताह में कुल काम के घंटे 48 ही रहेंगे।

वहीं, जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के दुकानदारों को इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीनों के सत्यापन और उन पर मुहर लगाने के शुल्क से छूट देने का निर्णय लिया गया है।

263 प्रखंडों में लगेंगे 7,890 नए चापाकल

राज्य में पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 263 प्रखंडों में 7,890 नए चापाकल लगाए जाएंगे। इस योजना पर 96 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे।

इसके अलावा गोड्डा जिले में प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन पशु आहार उत्पादन क्षमता वाला कारखाना स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 51 करोड़ 49 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।

जलाशय और सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने हजारीबाग की लोटिया जलाशय योजना के पुनरुद्धार के लिए 32 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। गिरिडीह जिले की तीन सड़कों के निर्माण से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।

झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच मयूराक्षी उप-बेसिन में जल बंटवारे तथा मसानजोर और तेनुघाट बांधों के संयुक्त नियंत्रण से संबंधित समझौते के प्रारूप पर भी सहमति बनी है।

इसके अलावा चाईबासा ग्रिड सब-स्टेशन में बिजली से जुड़ी सुविधाओं के निर्माण और थानों में सीसीटीवी लगाने वाली एजेंसी के लंबित भुगतान को मंजूरी दी गई है।

पॉलिटेक्निक विद्यार्थियों को मिलेगी इंटर्नशिप

कैबिनेट ने राजकीय पॉलिटेक्निक और महिला पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम के सहयोग से इंटर्नशिप कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। कस्तूरबा गांधी और सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों की गतिविधियों के लिए अतिरिक्त राशि से संबंधित प्रस्ताव भी मंजूर किए गए हैं।

इसके साथ ही जलछाजन परियोजनाओं के विस्तार, संविदा कर्मचारियों के मानदेय में संशोधन और खूंटी में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए पांच एकड़ जमीन केंद्र सरकार को निःशुल्क देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।

बड़ी योजनाओं की लागत वृद्धि पर नियंत्रण के लिए फैसला

कैबिनेट ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वृद्धि वाली बड़ी योजनाओं के लिए राज्य योजना प्राधिकृत समिति से मंजूरी लेना अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य बड़ी परियोजनाओं की लागत में बढ़ोतरी से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा और स्वीकृति की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है।

इसके अलावा उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के सेवा नियमितीकरण और पेंशन लाभ से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। कुल 62 प्रस्तावों की स्वीकृति के साथ सरकार ने स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और कर्मचारी कल्याण से जुड़े कई क्षेत्रों में फैसले लिए हैं।

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