—आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्राचार्य पर जानलेवा हमले से लोगों में आक्रोश, रांची के निजी अस्पताल में चल रहा इलाज
खूंटी, 23 अक्टूबर। आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्राचार्य फादर बेनेडिक्ट बारला पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में शुक्रवार को खूंटी में सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों ने मौन जुलूस निकालकर घटना के प्रति नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने हमले में शामिल आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
तेज धूप में हाथों में छाते लेकर निकाला मौन जुलूस
मौन जुलूस में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण ढंग से लंबी कतारों में आगे बढ़े। तेज धूप के बीच हाथों में छाते लेकर निकले लोगों ने हमले की निंदा करते हुए न्याय की मांग की।
जुलूस में शामिल लोगों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ हिंसा स्वीकार्य नहीं है। शिक्षा और समाज सेवा से जुड़े व्यक्ति पर इस तरह का हमला गंभीर मामला है। पुलिस को आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तार करना चाहिए, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और कानून-व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई हो। जुलूस के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल भी मुस्तैद रहे।
लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि न्याय की प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमले के आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई होने तक न्याय की मांग जारी रहेगी।
फादर बेनेडिक्ट बारला की हालत स्थिर
हमले में घायल फादर बेनेडिक्ट बारला की हालत स्थिर बताई जा रही है। उनका इलाज रांची के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में आक्रोश है।

मौन जुलूस के जरिए प्रदर्शनकारियों ने हमले की निंदा करने के साथ शांति, भाईचारे और न्याय का संदेश भी दिया।
20 अक्टूबर की रात हुआ था हमला
जानकारी के अनुसार, फादर बेनेडिक्ट बारला पर मंगलवार, 20 अक्टूबर की रात हमला किया गया था। अगले दिन बुधवार, 21 अक्टूबर की सुबह वह विद्यालय परिसर में खून से लथपथ और बेहोशी की हालत में मिले थे।
इसके बाद स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रांची रेफर कर दिया गया। फिलहाल रांची के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज जारी है।






