रांची, 29 अगस्त । झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अरगोड़ा निवासी विजय कुमार साहू के घर 28 अगस्त की रात खूंटी पुलिस के पहुंचने के मामले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा है।
बिना प्राथमिकी और वारंट के घर पहुंचने का आरोप
मरांडी ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि परिवार के अनुसार विजय कुमार साहू के नाम पर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं है और न ही घर की तलाशी के लिए कोई सर्च वारंट जारी किया गया था। इसके बावजूद पुलिस रात करीब एक बजे उनके घर पहुंची और दरवाजा पीटते हुए अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया।
भाजपा नेता ने दावा किया कि घटना से जुड़े वीडियो में पुलिसकर्मियों को दरवाजा तोड़कर अंदर जाने की बात कहते हुए सुना जा सकता है। उन्होंने कहा कि घटना के समय घर में महिलाएं मौजूद थीं, जबकि परिवार के अनुसार पुलिस टीम में कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी।
थाना प्रभारी पर परिवार ने लगाए आरोप
मरांडी ने खूंटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह पर परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों का भी उल्लेख किया। परिवार का आरोप है कि थाना प्रभारी नशे की हालत में अभद्र व्यवहार कर रहे थे और विजय साहू की पत्नी को जेल भेजने की धमकी दी गई।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से मामले में विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।
निष्पक्ष जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या रात करीब एक बजे बिना प्राथमिकी और सर्च वारंट के किसी व्यक्ति के घर पहुंचकर दरवाजा पीटना और कथित तौर पर उसे तोड़कर अंदर जाने का प्रयास करना पुलिस की निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस को कानून के दायरे में रहकर और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही कार्रवाई करनी चाहिए। मरांडी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि परिवार की ओर से लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि कानून की रक्षा करने वाली पुलिस ही नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं की अनदेखी करेगी तो आम आदमी न्याय के लिए किसके पास जाएगा। मरांडी ने मुख्यमंत्री से मामले की स्थिति स्पष्ट करने और पुलिस की कार्रवाई पर जवाब देने की मांग की।






