कोडरमा। झारखंड के कोडरमा जिले में महिला पर जानलेवा हमले के बाद इलाज में लापरवाही का आरोप सामने आया है। जयनगर थाना क्षेत्र के ईरगोबाद में पति के हमले में गंभीर रूप से घायल पूनम देवी को पहले कोडरमा सदर अस्पताल ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि वहां जांच के दौरान उनके पेट में फंसे चाकू का पता नहीं चल सका। बाद में रांची के एक निजी अस्पताल में जांच के दौरान चाकू का धातु वाला हिस्सा पेट में फंसा मिला, जिसे ऑपरेशन कर निकाला गया। फिलहाल महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
हजारीबाग से रेफर होने के बाद रांची ले गए परिजन
जानकारी के अनुसार, बुधवार को संतोष पासवान ने कथित तौर पर अपनी पत्नी पूनम देवी पर हंसुए और चाकू से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल पूनम को परिजन कोडरमा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।
परिजनों के मुताबिक, सदर अस्पताल में पेट के घाव पर टांके लगाने के बाद उन्हें हजारीबाग मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। आरोप है कि वहां भी महिला को भर्ती किए बिना रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन उन्हें रांची के मेडी फर्स्ट हॉस्पिटल ले गए।
सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड में चला पता
परिजनों के अनुसार, रांची के निजी अस्पताल में सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान पेट के अंदर चाकू का धातु वाला हिस्सा फंसे होने की जानकारी मिली। बताया गया कि चाकू का हत्था अलग हो गया था। इसके बाद ऑपरेशन कर धातु के हिस्से को निकाला गया।
फिलहाल पूनम देवी की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें आईसीयू में रखकर इलाज किया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि महिला के उपचार पर अब तक पांच लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं।
किसी तरह कमरे से बाहर निकलीं पूनम
घटना के बाद घायल पूनम किसी तरह कमरे से बाहर निकलीं और शोर मचाया। आवाज सुनकर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस ने आरोपी पति संतोष पासवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी के बड़े भाई राजकुमार पासवान के मुताबिक, संतोष की मानसिक स्थिति करीब एक महीने से ठीक नहीं थी। उसे रांची स्थित रिनपास ले जाने की तैयारी की जा रही थी।
अस्पतालों की भूमिका पर उठे सवाल
पेट में चाकू का हिस्सा फंसे होने का शुरुआती जांच में पता नहीं चलने के परिजनों के आरोप के बाद अस्पतालों में इलाज और जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस मामले में कोडरमा सदर अस्पताल और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज की ओर से आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
फिलहाल महिला का इलाज जारी है। शुरुआती जांच में कथित चूक के आरोपों की पुष्टि संबंधित अस्पतालों के पक्ष और चिकित्सा रिकॉर्ड की जांच के बाद ही हो सकेगी।






