Breaking: एसीबी ने धनबाद रिंग रोड घोटाले में 17 भ्रष्ट अधिकारी और कर्मी को किया गिरफ्तार

Share

धनबाद। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राज्य के बहुचर्चित रिंग रोड मुआवजा घोटाले की कमर तोड़ दी है। एसीबी की 10 विशेष टीमों ने एक साथ धनबाद, रांची, दुमका, गिरिडीह और देवघर में छापेमारी कर 17 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

​​यह मामला मुख्य रूप से धनबाद के धनसार, दुहाटांड, मनईटांड और घोघरा मौजा से जुड़ा है। समाजसेवी रमेश राही ने इस घोटाले की आवाज सबसे पहले 2013 में उठाई थी। आरोप है कि रिंग रोड निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले दी जाने वाली करीब 237 करोड़ की राशि में से 100 से 150 करोड़ रुपये अधिकारियों और बिचौलियों ने मिलकर हड़प लिए। ​

एसीबी ने इस मामले में उन सफेदपोशों को दबोचा है जिन्होंने अपनी कलम की ताकत का दुरुपयोग किया। गिरफ्तार आरोपितों में ​उदयकांत पाठक तत्कालीन बर्खास्त जिला भूमि अर्जन पदाधिकारी (डीएलओ), विशाल कुमार तत्कालीन अंचल अधिकारी (सीओ), ​नीलम सिन्हा तत्कालीन सर्किल इंस्पेक्टर (सीआई), ​कुमारी रत्नाकर अंचल कार्यालय कर्मी इसके साथ ही भू-अर्जन और अंचल कार्यालय के अन्य कई कर्मचारियों को भी सलाखों के पीछे भेजा गया है।

जांच में खुलासा हुआ है कि भू-अर्जन और अंचल कार्यालय के अधिकारियों ने मिलीभगत कर सरकारी दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की। कई ऐसे मामले सामने आए जहां बैक डेट (पिछली तारीखों) पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर करोड़ों रुपये निकाल लिए गए। चौंकाने वाला खुलासा यह है कि एक ही व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे छह करोड़ रुपये की राशि डकार ली। ​निबंधन कार्यालय और जिला प्रशासन के बीच समन्वय की कमी का फायदा उठाकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया।

​रमेश राही ने 2013 से लेकर 2026 तक की अपनी लंबी लड़ाई को साझा करते हुए कहा कि यह सड़क जनता की सुविधा के लिए बननी थी लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों ने मुआवजा राशि को अपनी तिजोरी में भर लिया। उन्होंने कहा 2016 में एसीबी ने एफआईआर दर्ज की थी और आज 2026 में गिरफ्तारियां हुई हैं। मैं एसीबी का आभार व्यक्त करता हूं। राही ने सरकार से मांग की है कि ​घोटालेबाजों की चल-अचल संपत्ति तत्काल जब्त की जाए। जब्त संपत्ति से उस राशि की वसूली हो जो असली रैयतों (भूमिधारकों) की थी। ​पीड़ित रैयतों को उनका हक और मुआवजा वापस दिलाया जाए ताकि क्षेत्र का विकास बाधित ना हो।

वहीं ​एसीबी के सूत्रों के अनुसार अभी यह केवल शुरुआत है। इस घोटाले के तार और भी ऊपर तक जुड़े हो सकते हैं। जब्त किए गए दस्तावेजों की छानबीन जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और रसूखदार लोगों की गिरफ्तारियां संभव हैं।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031