ई-मेल के जरिए पीएम मोदी तक पहुंचा विश्वभारती विवि में भर्ती गड़बड़ी का मामला

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में शांतिनिकेतन स्थित विश्वभारती विश्वविद्यालय में गैर शैक्षणिक और प्रशासनिक स्थायी पदों पर हुई भर्तियों को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। कई अभ्यर्थियों ने इस मामले में विश्वविद्यालय के पदेन कुलाधिपति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईमेल भेजकर शिकायत की है। शिकायतें शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भी भेजी गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, आरोप है कि अंतिम मेरिट सूची विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई और चयनित उम्मीदवारों को निजी ई-मेल के जरिए नियुक्ति पत्र भेजे गए। रजिस्ट्रार, अध्ययन निदेशक और प्रकाशन विभाग के निदेशक जैसे कुछ पदों की जानकारी तो सार्वजनिक की गई, लेकिन उप रजिस्ट्रार और सहायक रजिस्ट्रार सामान्य पदों की मेरिट सूची अब तक जारी नहीं की गई है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि लिखित परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने कराई थी, लेकिन प्रारंभिक परिणाम उसकी वेबसाइट पर प्रकाशित नहीं किए गए। इसके बावजूद 27 अक्टूबर, 2025 को अंतिम मेरिट सूची जारी कर दी गई, जिसे लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।

विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि मौजूदा दौर में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही है और नियमों को दरकिनार किया गया है। हालांकि विश्वभारती प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है।

वहीं, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने शिक्षा मंत्रालय को भेजे जवाब में कहा है कि सभी नियुक्तियां 17 अप्रैल, 2023 को जारी भर्ती अधिसूचना के नियमों के अनुसार की गईं और 05 दिसंबर को कार्यकारिणी परिषद से इन्हें मंजूरी मिली। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

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