रिपोर्ट में दावा—हार्डलाइन कमांडरों का प्रभाव बढ़ा, नरमपंथी नेताओं को किया गया साइडलाइन
डेस्क: ईरान में सत्ता संतुलन को लेकर नई रिपोर्ट्स ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी मीडिया संस्थान की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) का प्रभाव देश की सैन्य और कूटनीतिक निर्णय प्रक्रिया में काफी बढ़ गया है। इस बदलाव के बीच Strait of Hormuz में तनाव तेज हो गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है।
हार्डलाइन नेताओं का बढ़ता प्रभाव
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वरिष्ठ कमांडर Ahmad Vahidi और सुरक्षा अधिकारी Mohammad Bagher Zolghadr का प्रभाव बढ़ा है। बताया जा रहा है कि इन नेताओं की भूमिका से ईरान की रणनीतिक नीतियों में सख्ती आई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नरमपंथी नेता हाशिए पर?
सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि विदेश नीति में अपेक्षाकृत नरम रुख रखने वाले Abbas Araghchi जैसे नेताओं को साइडलाइन किया गया है। यह भी दावा किया गया कि हाल की बातचीत के बाद समुद्री मार्ग खोलने के संकेतों को पलट दिया गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव
रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में हाल के दिनों में तनाव बढ़ने की खबरें हैं। यह मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा संभालता है। रिपोर्ट में कुछ जहाजों को निशाना बनाए जाने का भी दावा किया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुप्रीम लीडर की भूमिका अहम
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान में अंतिम निर्णय लेने की शक्ति अब भी Ali Khamenei के पास है। ऐसे में किसी भी बड़े बदलाव को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आना बाकी है।
क्षेत्र में अनिश्चितता बरकरार
मौजूदा घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में अस्थिरता की आशंका बढ़ा दी है। फिलहाल एक अस्थायी संघर्षविराम लागू बताया जा रहा है, लेकिन हालात को देखते हुए शांति की संभावनाओं पर सवाल बने हुए हैं।






