ईरान पर इजरायल और अमेरिका ने भीषण हमला किया है. इजरायल ने ईरान के राष्ट्रपति भवन को निशाना बनाया है, इसके अलावा ईरानी खुफिया एजेंसी के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया गया है. रिपोर्ट है कि ईरानी सरकार के कई अहम भवनों को निशाना बनाया गया है.
इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने पूरे देश में ‘विशेष और स्थायी आपातकाल’ लागू करने की घोषणा की है. लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है.
तेहरान में धमाके
ईरान की राजधानी तेहरान के बीच वाले इलाके में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है. ईरानी मीडिया के अनुसार, धमाकों के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए. फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान के रिपब्लिक इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं. अभी तक नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
इजरायल और अमेरिका ने ईरान के जिन जगहों पर हमला किया है वो इस प्रकार हैं.
-रक्षा मंत्रालय
-खुफिया मुख्यालय
-सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का ऑफिस
-एटॉमिक एनर्जी ऑफ ईरान
-परचीन
ईरान के किन किन शहरों पर हमला हुआ है
-तेहरान
-कॉम
-तबरेज
-करमनशाह
-कराज
-इस्फहान

युद्धपोत अब्राहम लिंकन से ईरान पर अमेरिका ने किया हमला
इरान पर अमेरिका ने अपने युद्धपोत अब्राहम लिंकन से ईरान पर हमले कर रहा है. इस हमले में अमेरिकी नौसेना और वायुसेना शामिल है. इजरायल ने ईरान पर कई मिसाइलें दागी हैं. हमले के बाद राजधानी तेहरान में कई स्थानों इमारतों से धुएं का गुबार निकलता हुआ दिखाई दे रहा है. इजरायल ने इस ऑपरेशन का नाम शील्ड ऑफ जुडा यानी कि यहूदी की ढाल रखा है.
अमेरिका ने कहा है कि उसके हमले अभी ईरान में जारी है. खबर है कि ईरान के कॉम शहर पर भी हमला भी किया गया है. इधर इजरायल ने एहतियान अपने शहरों में अलर्ट घोषित कर दिया है. इजरायल में सभी को घरों के अंदर जाने को कह दिया गया है. स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दिया गया है. इजरायल में अलर्ट सायरन बज रहे हैं.

इजरायल के कई हिस्सों में सायरन बजाए गए. यह साफ नहीं हो पाया है कि ये अलर्ट हाल में हुई कथित कार्रवाई से सीधे जुड़े थे या नहीं. फिलहाल ईरान की तरफ से इजरायल की ओर कोई मिसाइल दागे जाने की खबर नहीं है. तेल अवीव और बेन गुरियन एयरपोर्ट से सभी उड़ाने रद्द कर दी गई हैं.

खामेनेई को सुरक्षित जगह ले जाया गया
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई तेहरान में नहीं हैं. एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि उन्हें एक ‘सुरक्षित स्थान’ पर ले जाया गया है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के इंटेलिजेंस विभाग को निशाना बनाया गया. साथ ही तेहरान के बीच वाले हिस्से में भी हमलों की खबर है.

लोगों को सुरक्षित जगह के पास रहने की सलाह
इजरायली सेना ने कहा है कि पूरे देश में सायरन इसलिए बजाए गए ताकि लोग सुरक्षित जगहों के पास रहें. सेना ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि लोगों को मिसाइल हमले की आशंका के लिए तैयार रहने को कहा गया है. एक अलग बयान में बताया गया कि देश के सभी हिस्सों में सामान्य कामकाज बंद रहेगा. स्कूल बंद रहेंगे, भीड़ जुटाने पर रोक रहेगी और जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी दफ्तर बंद रहेंगे.
ईरान गरजा- जंग शुरू तुमने की, खत्म हम करेंगे
इस बीच ईरानी संसद राष्ट्रीय सुरक्षा कमेटी के चेयरमैन ने इजरायल-अमेरिका को सीधी धमकी देते हुए कहा है कि ये लड़ाई तुमने शुरू की है, लेकिन इसे खत्म हम करेंगे. ईरान पर हमले के बाद इराक में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है और उसने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया गया है. इस बीच ईरान ने कहा है कि इस हमले का जवाब में इजरायल को कुचल दिया जाएगा.

हमले के बाज ट्रंप का पहला बयान
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान पर हमले के बाद पहला बयान आया है. उन्होंने कहा है कि ईरान कभी भी परमाणु बम नहीं बना सकता है. ईरान को निशाना बनाना चाहता था. उन्होंने कहा कि ईरान लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित कर रहा है, जिससे अमेरिका को भी खतरा है. और दूसरे देशों को भी खतरा है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान पर भीषण आक्रमण कर रही है.

ट्रंप ने कहा कि पिछले 47 सालों से ईरानी सरकार “अमेरिका की मौत” जैसे नारे लगा रही है. ईरानी सरकार ने कई देशों में यूनाइटेड स्टेट्स, हमारी सेनाओं और बेगुनाह नागरिकों को निशाना बनाकर लगातार बड़े पैमाने पर हत्या का अभियान चलाया है. ईरान के सपोर्ट वाले ग्रुप्स ने 2000 में बेरूत में मरीन बैरक पर बमबारी की, जिसमें 241 अमेरिकी सैनिक मारे गए. ट्रंप ने कहा कि ईरानी सेना तत्काल सरेंडर करे. अन्यथा ईरानी सेना को खत्म कर दिया जाएगा.
दुनिया की नजर अब ईरान की प्रतिक्रिया टिकी
इजरायल के रक्षा मंत्री का कहना है कि यह कार्रवाई देश के खिलाफ संभावित खतरों को रोकने के लिए की गई है. लेकिन इस कदम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है. अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि ईरान क्या जवाब देता है. अगर दोनों देशों के बीच जवाबी कार्रवाई तेज होती है, तो यह टकराव बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है. पश्चिम एशिया में पहले से ही अस्थिर माहौल के बीच यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति और सुरक्षा पर बड़ा असर डाल सकता है.





